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Swiggy Instamart का घाटा बढ़कर 895 करोड़ हुआ, Nomura और Nuvama ने घटाया Target Price

India • 13h ago • Source: publicofindia

ऑनलाइन खाना पहुंचाने वाली कंपनी स्विगी के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर बीएसई पर 15% टूटकर ₹179.65 पर आ गया। इस गिरावट से कंपनी के बाजार मूल्य में एक ही दिन में करीब ₹9,000 करोड़ की कमी आ गई। निवेशकों की चिंता की सबसे बड़ी वजह इंस्टामार्ट कारोबार में लगातार बढ़ता घाटा है। कंपनी के खाने की आपूर्ति वाले कारोबार में अच्छी बढ़त के बावजूद त्वरित सामान वितरण के कारोबार पर होने वाला खर्च बाजार को परेशान कर रहा है। स्विगी के दूसरी तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद कई वित्तीय संस्थानों ने कंपनी के शेयर का अनुमानित मूल्य घटा दिया। जेएम फाइनेंशियल ने अपनी ‘रिड्यूस’ सलाह बरकरार रखते हुए लक्ष्य मूल्य ₹255 से घटाकर ₹200 कर दिया। नुवामा ने भी लक्ष्य ₹255 से कम करके ₹200 कर दिया। नोमुरा ने खरीदने की सलाह बनाए रखी, लेकिन लक्ष्य मूल्य ₹435 से घटाकर ₹300 कर दिया। एमके ग्लोबल ने भी अपना लक्ष्य ₹350 से घटाकर ₹310 कर दिया। इन बदलावों से साफ है कि बाजार को इंस्टामार्ट के घाटे को लेकर चिंता बनी हुई है। बता दें कि इंस्टामार्ट के शुद्ध ऑर्डर मूल्य में दूसरी तिमाही के दौरान पिछली तिमाही के मुकाबले 13.4% की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद कारोबार का योगदान मार्जिन बिगड़कर शून्य से नीचे 1.4% पर पहुंच गया, जबकि पिछली तिमाही में यह शून्य से नीचे 0.3% था। कारोबार का समायोजित परिचालन घाटा भी ₹778 करोड़ से बढ़कर ₹895 करोड़ हो गया। कंपनी ने इस दौरान 69 नए डार्क स्टोर खोले, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 1,240 हो गई। प्रति स्टोर ऑर्डर भी 1,089 से बढ़कर 1,192 हुए, लेकिन इस सुधार के साथ खर्च भी बढ़ा है। जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में इंस्टामार्ट के घाटे और मुनाफे तक पहुंचने की संभावनाओं पर सवाल उठाए हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इंस्टामार्ट का घाटा इस तिमाही में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। प्रबंधन के अनुसार, मौजूदा कारोबार के मुकाबले करीब 2.3 गुना आकार हासिल करने पर यह कारोबार बराबरी की स्थिति में पहुंच सकता है। इसके लिए सालाना आधार पर शुद्ध ऑर्डर मूल्य लगभग ₹6,000 करोड़ होना चाहिए, जबकि अभी यह करीब ₹2,600 करोड़ है। कंपनी का अनुमान है कि प्रति ऑर्डर ₹30 का योगदान मिलने पर बराबरी की स्थिति हासिल की जा सकती है। हालांकि, निवेशकों के लिए केवल कारोबार बढ़ना पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह भी देखना है कि घाटा कितनी जल्दी कम होता है। एमके ग्लोबल के मुताबिक, इंस्टामार्ट को लगातार मजबूत तेजी, ग्राहकों को दोबारा जोड़ने, बेहतर कमाई और स्टोरों के अधिक इस्तेमाल पर ध्यान देना होगा। स्विगी के दूसरे कारोबार प्लेटफॉर्म इनोवेशंस का घाटा भी ₹131 करोड़ से बढ़कर ₹162 करोड़ हो गया। इसमें टोइंग शामिल है। जेएम फाइनेंशियल ने टोइंग को अलग कारोबार के रूप में चलाने के समर्थन पर सवाल उठाते हुए इसे बंद करने और संसाधनों को मुख्य खाने की आपूर्ति वाले कारोबार में लगाने की सलाह दी है। उसके मुताबिक, टोइंग और स्विगी के मुख्य कारोबार में रेस्तरां, डिस्ट्रिब्यूटर और ग्राहकों का बड़ा हिस्सा साझा है, जिससे एक कारोबार दूसरे की बिक्री को प्रभावित कर सकता है। दूसरी ओर, स्विगी का खाना पहुंचाने वाला कारोबार कंपनी की सबसे मजबूत कड़ी बना हुआ है। इस कारोबार का सकल ऑर्डर मूल्य सालाना आधार पर 17.7% बढ़कर ₹10,054 करोड़ हो गया। समायोजित परिचालन लाभ भी 42% बढ़कर ₹341 करोड़ पहुंच गया। लाभ का मार्जिन पिछले साल के 2.8% से बढ़कर 3.4% हो गया। नोमुरा का अनुमान है कि यह कारोबार वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में ₹1,300 करोड़ से ₹1,900 करोड़ तक परिचालन लाभ दे सकता है। गौरतलब है कि स्विगी की तेजी प्रतिद्वंद्वी इटरनल के मुकाबले भी धीमी रही है। जहां स्विगी के खाने के कारोबार का सकल ऑर्डर मूल्य 17.7% बढ़ा, वहीं इटरनल के त्वरित सामान वितरण कारोबार का शुद्ध ऑर्डर मूल्य पिछली तिमाही के मुकाबले 22.2% बढ़ा। ऐसे में स्विगी के सामने चुनौती है कि वह इंस्टामार्ट का घाटा घटाए, ग्राहकों को बनाए रखे और अपने मुख्य कारोबार की बढ़त भी तेज करे। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी तेजी के साथ मुनाफे का संतुलन कैसे बनाती है।

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