सात दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत तो मिल गई, लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन न करने और कानून के दायरे में रहने की शर्त पर। हाईकोर्ट की फटकार और पुलिसिया सख्ती के बाद क्या छात्र आंदोलन बैकफुट पर आ गया है? क्या सीजेपी नेता डर गए हैं या रणनीति बदल रहे हैं?
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