प्रदेश में विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के चलते जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों के तबादलों पर भारत निर्वाचन आयोग ने रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार विशेष परिस्थिति में आयोग की मंजूरी लेकर ही जिलाधिकारियों सहित मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े अफसरों के तबादले कर सकती है। इस दायरे में वे सभी कर्मचारी भी आएंगे जिन्हें बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) बनाया गया है। शासन के अधिकारियों का मानना है कि आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 4 जनवरी 2027 तक तबादलों पर रोक लगाई है, उसके तुरंत दो-चार दिन बाद विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में सरकार को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव से पहले डीएम, एडीएम और एसडीएम बदलने के लिए आयोग की मंजूरी लेनी होगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आयोग की ओर से इस कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुनरीक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों को आलेख्य प्रकाशन से अंतिम प्रकाशन तक बिना आयोग की अनुमति के स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-13 CC के अन्तर्गत मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण एवं संशोधन के कार्य से जुड़े अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाते हैं और जिस अवधि में वे इस प्रकार तैनात किये जाते हैं, उस अवधि में वे आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एकीकृत मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 12 नवम्बर, 2026 को किया जाएगा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 की प्रक्रिया के दौरान 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उनका निस्तारण 28 दिसम्बर तक किया जाएगा। इसके उपरान्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी, 2027 को किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पुनरीक्षण अवधि के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित पुनरीक्षण कार्य में लगे हुए अधिकारियो के पद रिक्त नहीं रखे जाएंगे। साथ ही, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों से संबंधित विभागों को अवगत करा दिया गया है। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 का कार्य निर्धारित समयसीमा में सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जाएगा।
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