LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  GENERAL  /  लद्दाख में निर्वाचित संस्था के गठन को केंद्र प्...
GENERAL Verified हिंदी

लद्दाख में निर्वाचित संस्था के गठन को केंद्र प्रतिबद्ध, 22 अक्टूबर को फिर होगी बातचीत

India • 12h ago • Source: publicofindia

संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोकतांत्रिक शासन पर केंद्र के मसौदे को लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) द्वारा खारिज किए जाने पर मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को निराशा जताते हुए क्षेत्र के नेताओं से आपसी विश्वास, धैर्य और खुले मन के साथ बातचीत जारी रखने का आग्रह किया। लेह में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार 32 पन्नों के प्रस्ताव को 16 अक्टूबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों के सामने पेश किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर खारिज कर दिया गया। इससे एक दिन पहले ही प्रतिनिधियों ने केंद्र के साथ बातचीत की थी। मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार जल्द से जल्द राजनीतिक समाधान निकालने और लोकतांत्रिक रूप से ऐसी निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे। ’’ एलएबी और केडीए का कहना है कि केंद्र का प्रस्ताव संवैधानिक सुरक्षा उपायों और सार्थक अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगों को पूरा नहीं करता है। कुंद्रा ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक संवैधानिक ढांचा तैयार करने के लिए समन्वित प्रयास किए हैं और जोर दिया कि सभी पक्षों को स्वीकार्य व्यवस्था पर पहुंचने के लिए आगे भी बातचीत जरूरी है। एलएबी और केडीए ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर असंतोष जताते हुए कहा है कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कार्यपालिका, विधायी तथा वित्तीय अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगें बातचीत के केंद्र में बनी हुई हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने प्रस्तावों पर चर्चा करने और मतभेद दूर करने की कोशिश के लिए 22 अक्टूबर को नयी दिल्ली में फिर बैठक करेंगे। कुंद्रा ने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों और महीनों में बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचेगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र लद्दाख में जल्द से जल्द लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.