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अधिकारियों ने संतों-रहवासियों से ओंकारेश्वर बंद नहीं करने कहा:महंत बोले- मुख्यमंत्री लिखित आश्वासन दें, नहीं तो 19 अक्टूबर से नगर बंद रहेगा

India • 12h ago • Source: publicofindia

सिंहस्थ 2028 के तहत होने वाले विकास कार्यों से प्रभावित हो रहे स्थानीय लोगों की 19 मांगों पर बात न बनने के बाद ओंकारेश्वर में विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर नगरवासियों ने 19 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन ओंकारेश्वर बंद का ऐलान किया है। शनिवार रात 8 बजे षट्दर्शन मंडल अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज की मौजूदगी में हुई सर्वदलीय बैठक में लोगों ने अपनी मर्जी से दुकान और कारोबार बंद रखने का फैसला लिया। इससे पहले शनिवार सुबह अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, पुलिस अधिकारी दिव्या झारिया, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और थाना प्रभारी अनोखसिंह सिंदया ने जोड़ गणपति हनुमान मंदिर पहुंचकर संत मंगलदास त्यागी से बात की। अधिकारियों ने प्रस्तावित बंद और लोगों की मांगों के बारे में जानकारी ली। महाराज ने साफ कहा कि बंद को लेकर जो भी फैसला होगा, वह सभी नगरवासियों की सहमति से ही लिया जाएगा। इसके बाद शाम को हुई बैठक में बंद के फैसले पर मुहर लगा दी गई। पुराने लिखित वादे पर भी नहीं हुआ अमल महंत मंगलदास त्यागी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पहले भी दो दिनों तक ओंकारेश्वर बंद रहा था। उस समय तत्कालीन अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने मांगों को पूरा करने का लिखित भरोसा दिया था, लेकिन उस पर आज तक कोई अमल नहीं हुआ। उन्होंने साफ कहा कि जब तक मुख्यमंत्री या उनका कोई नुमाइंदा इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकालता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। डुकिया में बसने से इनकार, आजीविका छीनने का डर स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें ओंकारेश्वर से हटाकर डुकिया गांव में बसाने की तैयारी है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। वहां जाने से उनका पुस्तैनी कामकाज ठप हो जाएगा और परिवारों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा मिले और उजाड़ने से पहले उनके रहने व रोजगार की पक्की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। विकास से ऐतराज नहीं, लेकिन आजीविका से समझौता मंजूर नहीं खंडवा सांसद के प्रतिनिधि गजेंद्र अग्रवाल ने भी स्थानीय लोगों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार से इस ओर ध्यान देने की बात कही। वहीं पार्षद राजेश यादव ने बताया कि ओंकारेश्वर में लगभग 15 हजार लोग अपने परिवारों के साथ रोजी-रोटी कमाते हैं। नगरवासियों ने साफ कहा है कि वे सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन धार्मिक नगरी की पहचान और अपने बच्चों के भविष्य की कीमत पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

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