ट्रंप प्रशासन द्वारा माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, इंफोसिस और टीसीएस समेत कई बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड की एक अहम प्रक्रिया 'परम' (PERM) से निलंबित किए जाने का बड़ा फैसला सामने आया है। इस कदम से अमेरिका में नौकरी कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस निलंबन से मौजूदा एच-1बी वीजा धारकों की नौकरियां तुरंत खत्म नहीं होंगी, क्योंकि एच-1बी और परम दो अलग व्यवस्थाएं हैं। हालांकि, जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भारत के लिए रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड में पहले से ही एक दशक से अधिक का बैकलॉग मौजूद है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कंपनियों पर इस व्यवस्था के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरी स्थिति के बीच, भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स पर इसका गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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