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जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर रोक, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास बोले- ‘यह लोगों का जंतर-मंतर है, हम इसे नहीं मानेंगे’

India • 13h ago • Source: publicofindia

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किए जाने पर रोक लगाए जाने के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्रालय ने विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इस फैसले पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने नाराजगी जताते हुए सरकार से सवाल किए हैं। सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि आम लोगों के विरोध और अपनी आवाज उठाने का प्रमुख मंच रहा है। उन्होंने कहा, “यह लोगों का जंतर-मंतर है। हम बिल्कुल नहीं मानेंगे कि हमारा जंतर-मंतर हमसे छीना जाए। ” उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और इंडिया गेट लंबे समय से शांतिपूर्ण सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए चर्चित स्थान रहे हैं। यहां अलग-अलग मुद्दों को लेकर लोग और संगठन अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाते रहे हैं। ऐसे में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक लगाने का फैसला कई सवाल खड़े करता है। सौरव दास ने सरकार से पूछा कि क्या इस फैसले से पहले आम लोगों और संबंधित संगठनों से सलाह ली गई थी। उन्होंने कहा, “क्या आपने लोगों से सलाह ली? क्या आपने स्टेकहोल्डर्स से सलाह ली? क्या आपने उन अलग-अलग ऑर्गनाइजेशन से बात की, जो नियमित रूप से जंतर-मंतर आते हैं?” उन्होंने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर हर दिन अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होते हैं और यह शांतिपूर्ण सार्वजनिक विरोध का एक जाना-पहचाना केंद्र रहा है। ऐसे में प्रदर्शन के लिए नए स्थान तय करने से पहले उन संगठनों और लोगों की राय लेना जरूरी था, जो लंबे समय से इस जगह का इस्तेमाल अपनी बात रखने के लिए करते रहे हैं। सीजेपी प्रवक्ता ने आशंका जताते हुए कहा कि अगर लोगों से विरोध का यह प्रमुख मंच छीन लिया गया है, तो आगे और किन चीजों पर रोक लगाई जा सकती है, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने अपने प्रस्ताव को लागू करने से पहले संबंधित पक्षों से उनकी राय जानने की कोशिश की।

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