भारतीय क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी शानदार वापसी कर ली है। इस रोमांचक और बहुप्रतीक्षित कमबैक के पीछे हाल ही में संपन्न हुए इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में उनका लगातार बेहतरीन प्रदर्शन सबसे बड़ा कारण रहा है। भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने भुवनेश्वर कुमार के चयन को पूरी तरह से सही ठहराते हुए इस बात पर खास जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस आधुनिक दौर में युवा खिलाड़ियों के जोश के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों का होना टीम के लिए कितना ज्यादा महत्वपूर्ण और जरूरी हो जाता है। भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2022 के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड के मैदान पर खेला था, जिसके बाद से वह लगातार भारतीय टी20 टीम से बाहर चल रहे थे। आईपीएल के दो शानदार सीजनों ने पलटी किस्मत और दिलाई टीम इंडिया में जगह इंडियन प्रीमियर लीग के मंच पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर कुमार ने पिछले दो संस्करणों में अपनी गेंदबाजी का ऐसा जादू दिखाया कि चयनकर्ताओं को उन्हें नजरअंदाज करना नामुमकिन हो गया। पिछले दो आईपीएल सीजनों के आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो उन्होंने कुल 31 मैचों में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 22.55 की औसत और 8.52 की किफायती इकॉनमी रेट से कुल 45 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी इस घातक गेंदबाजी के दम पर ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने लगातार आईपीएल का खिताब अपने नाम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। खासतौर पर आईपीएल 2026 का सीजन भुवनेश्वर कुमार के करियर के लिए बेहद शानदार साबित हुआ, जिसमें उन्होंने मात्र 16 मैचों में ही 17.89 के बेहतरीन औसत और 7.95 की शानदार इकॉनमी के साथ कुल 28 विकेट चटकाए और उस पूरे सीजन में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज बने रहे। कोच सीतांशु कोटक ने अनुभव को बताया टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलकर बात करते हुए कहा कि हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज के दौरान टीम को तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के अनुभव की भारी कमी महसूस हुई थी, क्योंकि टीम में कई युवा गेंदबाज खेल रहे थे। कोच कोटक का मानना है कि युवा खिलाड़ी बेशक अपनी पूरी क्षमता के साथ बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें लगातार मौके भी मिलने चाहिए, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर एक निश्चित स्तर पर पहुंचकर आपको तजुर्बे की सख्त जरूरत पड़ती ही है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने आईपीएल के हालिया प्रदर्शन और अनुभव को ध्यान में रखते हुए भुवनेश्वर कुमार को भारतीय टी20 टीम में वापस बुलाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, ताकि टीम का गेंदबाजी आक्रमण और अधिक संतुलित और मजबूत हो सके। न्यूजीलैंड के चुनौतीपूर्ण हालात में स्विंग और अनुभव का दिखेगा कमाल भारतीय टीम को आगामी 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की रोमांचक टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी है, जिसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की लंबी सीरीज भी खेली जाएगी। न्यूजीलैंड की तेज पिच्छों और हवादार मैदानों पर नई गेंद को स्विंग कराने में माहिर भुवनेश्वर कुमार का अनुभव टीम इंडिया के लिए एक बहुत बड़ा हथियार साबित हो सकता है। कोच सीतांशु कोटक का यह भी मानना है कि न्यूजीलैंड के चुनौतीपूर्ण और कड़े हालात में पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में रनों पर लगाम लगाने और बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए भुवनेश्वर कुमार की काबिलियत और सूझबूझ का कोई मुकाबला नहीं है। वर्तमान में भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलने में व्यस्त है, जहां श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने पहला मुकाबला जीतकर सीरीज में 1-0 की शानदार बढ़त बना ली है और सीरीज का दूसरा महत्वपूर्ण मुकाबला रांची के मैदान पर खेला जाना है।
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