LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  BUSINESS  /  उदयपुर में गांजे की खेती पर बड़ी कार्रवाई:11.76...
BUSINESS Verified हिंदी

उदयपुर में गांजे की खेती पर बड़ी कार्रवाई:11.76 करोड़ की गांजे की खेती तबाह, 9 बीघा में लहलहा रहे थे 7 हजार पौधे; सरकार ने पटवारियों पर तय की जिम्मेदारी

India • 12h ago • Source: publicofindia

उदयपुर के आदिवासी बाहुल्य कोटड़ा इलाके में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। नयावास गांव में पहाड़ों और खेतों के बीच करीब 9.4 बीघा जमीन पर अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ किया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) राजस्थान और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। खेतों में गांजे की हरी-भरी फसल लहलहा रही थी। टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए गांजे के 7,577 पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन पौधों से करीब 2,273 किलो गांजा तैयार होना था, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करीब 11.76 करोड़ रुपए आंकी गई। NCB जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अब पटवारियों की होगी सीधी जिम्मेदारी इस कार्रवाई के बाद राजस्थान सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। सरकार ने प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध खेती को जड़ से खत्म करने के लिए नए और बेहद कड़े नियम जारी किए हैं। अब अपने इलाके में गांजे या अफीम की अवैध खेती को रोकने की सीधी जिम्मेदारी स्थानीय पटवारियों की होगी। लापरवाही की तो नपेंगे अधिकारी, 48 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट नए सरकारी आदेश के मुताबिक, पटवारियों को गिरदावरी (फसल निरीक्षण) के दौरान अपने क्षेत्र के हर खेत पर पैनी नजर रखनी होगी। दिसंबर 2027 तक का है बड़ा लक्ष्य केंद्र और राज्य सरकार ने नारकोटिक्स नियंत्रण के विजन दस्तावेज के तहत एक बड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य तय किया है। इसके तहत दिसंबर 2027 तक देश के सभी चिन्हित इलाकों से अवैध गांजे और अफीम की खेती को पूरी तरह से खत्म करना है। इसके लिए अब जिला कलेक्टरों को भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.