दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के 50 हजार से अधिक पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसका शुभारंभ किया। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान होने वाले आर्थिक खर्च और कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। कार्यक्रम में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, डीजेबी उपाध्यक्ष एवं विधायक सतीश उपाध्याय समेत बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजेबी के पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों ने जीवन का बड़ा हिस्सा दिल्ली की सेवा में लगाया है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सहज और सम्मानजनक तरीके से मिलें। पहले बीमारी या उपचार की स्थिति में पेंशनरों को अस्पताल का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ता था। इसके बाद मेडिकल बिल की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने और लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। बुजुर्गों के लिए यह प्रक्रिया काफी परेशानी भरी थी। पेंशनरों की परेशानी दूर करने के लिए उठाया कदम सीएम ने कहा कि कैशलेस सुविधा लागू करने में कई अड़चनें आईं, लेकिन सरकार ने उन्हें दूर कर यह व्यवस्था शुरू की है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं तैयार करना है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो। वर्षों तक डीजेबी की सेवा करने वाले कर्मचारियों के लिए यह पहल उनके योगदान के प्रति सम्मान है। सेवानिवृत्ति के बाद इलाज के लिए लंबी प्रक्रिया उचित नहीं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को इलाज के लिए कागजी प्रक्रियाओं और प्रतिपूर्ति के लिए लंबा इंतजार करना उचित नहीं है। इसी सोच के साथ कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पहले महीनों और वर्षों तक अटके रहते थे मेडिकल बिल कैशलेस सुविधा से पहले बीमारी या आपात स्थिति में कर्मचारियों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था। बाद में बिल की प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। कर्मचारियों के अनुसार, कई बार कागजी औपचारिकताओं के कारण बिल महीनों और वर्षों तक अटके रहते थे। इससे आर्थिक बोझ के साथ मानसिक परेशानी भी होती थी।
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