वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग को नोटिस जारी किए जाने के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने सोमवार को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और लोकतंत्र पर आपराधिक हमले (जैसा कि उन्होंने इसे बताया) में शामिल अन्य सभी लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसे भी पढ़ें: फॉर्म-6 में बदलाव कर BJP को फायदा पहुंचाने का आरोप, राहुल गांधी ने CEC को घेरा उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद गांधी ने कहा कि कुमार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के प्रमुख ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से 'फॉर्म 6' में बदलाव किया, जिसे उन्होंने एक स्थापित तथ्य बताया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर कहा kf अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो चुकी है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से 'फॉर्म 6' में बदलाव किया। यह इस बात का एक और सबूत है कि उन्होंने BJP की मदद करने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्हें और हमारी लोकतंत्र पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। गांधी की यह टिप्पणी तब आई जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में कुमार के फैसलों को चुनौती दी गई थी; आरोप है कि उन्होंने ये फैसले दो चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - की मंज़ूरी के बिना लिए थे। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया गया था। यह नोटिस तीन जजों की बेंच ने जारी किया, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना शामिल थे। इसे भी पढ़ें: नया फॉर्म-6 हमने अप्रूव नहीं किया, CEC विवाद के बीच CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी याचिका में कहा गया, "निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी नंबर 3 (CEC) इस याचिका की अंतिम सुनवाई तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर काम न करें; निर्देश दिया जाए कि इस दौरान आयोग का कामकाज प्रतिवादी नंबर 4 (सुखबीर सिंह संधू) और 5 (विवेक जोशी) के सर्वसम्मत फैसले से चलाया जाए; और निर्देश दिया जाए कि खाली पद पर कोई भी नियुक्ति एक ऐसी समिति की सिफारिश पर की जाए जिसमें भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हों।"
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.