झालावाड़ के खानपुर इलाके में 300 से ज्यादा किसानों को गेहूं बेचने के चार महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है। खानपुर क्रय-विक्रय सहकारी समिति के जरिए बेचे गए गेहूं की 7 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी है। शिकायतों के बाद शुरू किया धरना अधिकारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद भुगतान नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया। भारतीय किसान संघ के खानपुर तहसील अध्यक्ष शंकरलाल सुमन के नेतृत्व में किसान पिछले तीन दिनों से मिनी सचिवालय खानपुर के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि उपज बेचने के बाद भी अपनी ही राशि के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे धरने में भारतीय किसान संघ के कोटा संभाग संरक्षक सीताराम नागर, जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी शर्मा और प्रचार प्रमुख महेश मेहर भी पहुंचे। पदाधिकारियों ने किसानों का समर्थन करते हुए जल्द भुगतान की मांग की। सोमवार तक ठोस जानकारी नहीं मिली तो आंदोलन बढ़ेगा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक भुगतान को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो हजारों किसान आंदोलन में शामिल होंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि भुगतान होने तक धरना जारी रहेगा और समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। दफ्तरों के चक्कर लगाने पर उठे सवाल चार महीने तक उपज की राशि के लिए किसानों को भटकना पड़ने से भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। धरना स्थल पर किशन, गोपाल, बाबूलाल, सियाराम, अर्जुन नागर, प्रहलाद, लालचंद नागर, मोहनलाल, लक्ष्मण सिंह राजावत, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह रतनपुरा, बाबूलाल मीणा, लेखराज नागर, रमेशचंद मालव, बनवारी और सिद्धार्थ सिंह गुर्जर सहित कई पीड़ित किसान मौजूद रहे।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.