चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक अहम फैसला लिया है. जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है. वहां आयोग एक विशेष अभियान चलाएगा ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकें. इसके साथ ही, आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में ऑनलाइन 'फॉर्म 6' से अतिरिक्त घोषणा-पत्र को भी हटा दिया है. जिससे अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी.बता दें कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा दो करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं. इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और ECINet की समीक्षा के लिए एक विशेष कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आईआईटी या आईआईआईटी का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा.
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