पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी गुटबाजी के बीच प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 30 सितंबर 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में नेतृत्व को लेकर चन्नी और वड़िंग खेमे के बीच खींचतान जारी थी. 5 सितंबर को पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने अलग-अलग गुटों के नेताओं से बातचीत की और संगठन की स्थिति पर हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी. 15 सितंबर को चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा एक मंच पर नजर आए. इसके बाद नेतृत्व में बदलाव का रास्ता साफ हुआ. अब सवाल है कि वड़िंग के इस्तीफे से क्या पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी खत्म होगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरेगी?
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