CG Anukampa Niyukti Case : बिलासपुर हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) ने अनुकंपा नियुक्ति मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अगर शिक्षक पात्रता परीक्षा समय पर आयोजित नहीं हो सकी, तो अभ्यर्थी को तीन साल की समय सीमा के आधार पर अपात्र नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के पुराने आदेश को रद्द करते हुए नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। महिला ने मांगी थी अनुकंपा नियुक्ति यह मामला धमतरी जिले के हसदा निवासी 35 वर्षीय तोमिन साहू की याचिका से जुड़ा है। उनके पति दिलीप कुमार साहू की 24 मई 2018 को सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। बिलासपुर हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) अनुकंपा नियुक्ति मामला में कोर्ट ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत दी है। ये खबर भी पढ़ें : Bigg Boss 20: करण वाही से ब्रेकअप पर उदिति सिंह का बड़ा खुलासा, बिग बॉस में बोलीं- वो थोड़ा डॉमिनेंट था TET परीक्षा में कोरोना बना बाधा अनुकंपा नियुक्ति के लिए जरूरी शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता तय समय में पूरी करनी थी। तोमिन साहू ने वर्ष 2020 में डीएड पूरा कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET Exam) के लिए आवेदन किया, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण 2020-21 में परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। बाद में परीक्षा हुई और उन्होंने 20 अक्टूबर 2022 को TET पास किया। ये खबर भी पढ़ें : MP Weather Update: एमपी में दो दिन हवाएं चलेंगी, इंदौर में बूंदाबांदी के आसार, 30 सितंबर से कम होगी बारिश विभाग ने समय सीमा का दिया था हवाला स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने तीन साल के भीतर योग्यता पूरी नहीं करने का हवाला देते हुए आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद जिला पंचायत ने भी 20 अप्रैल 2023 के आदेश में राहत नहीं दी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि नियमों की समय सीमा जरूरी है, लेकिन ऐसी परिस्थिति में इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा सकता जब देरी अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर हो। ये खबर भी पढ़ें : CG Free Parking: छत्तीसगढ़ में मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पार्किंग फ्री, शुल्क वसूली पर रोक, राज्य उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला 50 दिन में नए सिरे से होगा फैसला कोर्ट (Bilaspur High Court) ने समान परिस्थितियों में दी गई राहत का भी उल्लेख किया और दोनों पुराने आदेशों को निरस्त कर दिया। मामले में अब संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे महामारी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 50 दिन के भीतर आवेदन पर नया निर्णय लें। फैसले के बाद अनुकंपा नियुक्ति के अन्य मामलों में भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है। ये खबर भी पढ़ें : Dhirendra Shastri Controversy: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद, पंजाब के शाही इमाम ने कहा- माफी मांगें
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