मुजफ्फरनगर । एक तरफ जहां केंद्र व राज्य सरकारें 'जल ही जीवन है' और 'जल बचाओ, जीवन बचाओ' के नारों के साथ बूंद-बूंद पानी सहेजने का संदेश दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के चलते हजारों लीटर पेयजल नाले-नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है। विडंबना यह है कि इसी वार्ड में प्रदेश के राज्यमंत्री का भी आवास है, इसके बावजूद प्रशासन ने पानी की हो रही बर्बादी रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। ताजा मामला थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला गांधीनगर के वार्ड संख्या 30 स्थित नीरज ...
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