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मथुरा में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा लगाने की मांग:अखिल भारतीय जाट महासभा ने महापौर और डीएम को सौंपा प्रस्ताव

India • 12h ago • Source: publicofindia

मथुरा में अखिल भारतीय जाट महासभा मथुरा ने सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे नगर निगम मथुरा-वृंदावन की सीमा क्षेत्र में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की है। महासभा के जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में महापौर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को प्रस्ताव देकर सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमति और कार्रवाई शुरू कराने का अनुरोध किया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि महाराजा सूरजमल (1707-1763) भरतपुर के प्रसिद्ध शासक थे। उन्हें प्रशासनिक क्षमता, कूटनीति, रणनीतिक सूझबूझ और युद्ध कौशल के लिए जाना जाता है। महासभा ने उनके ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भरतपुर राज्य को मजबूत बनाने के साथ ही शासन और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। प्रस्ताव में दावा किया गया कि वर्ष 1738 में महाराजा सूरजमल ने मथुरा, आगरा, फरह, ओल और अछनेरा क्षेत्र को मुगल नियंत्रण से मुक्त कराया और इन्हें अपने साम्राज्य का हिस्सा बनाया। वर्ष 1757 में अहमद शाह अब्दाली के मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में आक्रमण के दौरान भी सूरजमल की भूमिका का उल्लेख किया गया है। महासभा ने कहा कि ब्रजभूमि की रक्षा में उनके सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ज्ञापन में लोहागढ़ किले को महाराजा सूरजमल की सैन्य एवं प्रशासनिक सुदृढ़ता का प्रमुख प्रतीक बताया गया। साथ ही उनके शासनकाल में कृषि, राजस्व और आर्थिक व्यवस्था को मजबूत किए जाने का उल्लेख किया गया। महासभा ने प्रशासन से प्रतिमा के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर तकनीकी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कराने की मांग की। प्रस्ताव में जनभावनाओं और ऐतिहासिक स्मृति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

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