मऊगंज में पति के खिलाफ दर्ज FIR की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पत्नी रंजना मिश्रा सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने आवेदन देकर FIR दर्ज होने की परिस्थितियों, पहले दिए गए आवेदनों और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की। रंजना का आरोप है कि उनके पति के खिलाफ पुलिस ने रंजिश के चलते कार्रवाई की है। एसपी ने उन्हें नियमानुसार जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। दरअसल, रंजना मिश्रा के पति सुखवंत किशोर मिश्रा सेना से रिटायर हैं। वे पेट्रोल पंप चलाते हैं और मीडिया से भी जुड़े हैं। रंजना के अनुसार, 24 सितंबर को एक महिला की शिकायत पर उनके पति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी पर आपसी रंजीश के चलते कार्रवाई करने का आरोप रंजना ने आरोप लगाया कि मऊगंज थाना प्रभारी राम सिंह ने रंजिश के चलते कार्रवाई की। उनके अनुसार, कुछ समय पहले एक न्यूज को लेकर थाना प्रभारी और उनके पति के बीच पहले विवाद हुआ था। रंजना का दावा है कि उस समय उन्हें फंसाने की धमकी भी दी गई थी। पुराने मामलों में जांच की मांग की रंजना ने आवेदन में कहा कि संबंधित महिला की 2024 में भी एक शिकायत थी। उनके अनुसार, उस शिकायत की जांच के बाद मामला खारिज हो चुका था। उन्होंने अधिकारियों से इस पुराने मामले के रिकॉर्ड, मौजूदा FIR दर्ज होने की परिस्थितियों और पहले दिए गए आवेदनों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कराने की मांग की है। आवेदिका ने थाना परिसर और संबंधित स्थानों के उपलब्ध CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है। इसके अलावा GD, रोजनामचा, शिकायत रजिस्टर, आवेदन प्राप्ति रजिस्टर, FIR रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। रंजना ने थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से दी गई धमकी और शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज करने संबंधी कथन की भी स्वतंत्र जांच की मांग की है। दोषियों पर कड़ कार्रवाई करने की अपील रंजना ने आवेदन में कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बचाना या दोषी को संरक्षण देना नहीं है। उनका कहना है कि उपलब्ध सबूतों और सभी पक्षों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप तथ्यहीन या विरोधाभासी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए और आरोप सही पाए जाने पर भी कार्रवाई हो। पुलिस अधीक्षक ने आवेदन लेकर मामले में नियमानुसार जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.