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पटना में लगा वोटर दरबार:लोकतंत्र और भ्रष्टाचार को लेकर उठे सवाल, राष्ट्रीय मतदाता आयोग बनाने का रखा प्रस्ताव

India • 12h ago • Source: publicofindia

आरके पुरम स्थित वैष्णवी इंक्लेव सोसायटी में आम वोटर परिषद की ओर से वोटर दरबार लगाया गया। इसमें लोगों ने मतदान प्रतिशत में कमी, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और मतदान से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। साथ ही लोकतंत्र और भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए गए। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि परिषद मतदान के बाद भी वोटरों के साथ खड़ी रहेगी। लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी। चुनाव से पहले और बाद भी भ्रष्टाचार-घूसखोरी की समस्या वोटर दरबार में एक मतदाता ने सवाल किया कि जब चुनाव से पहले और बाद में भी भ्रष्टाचार और घूसखोरी की समस्या बनी रहती है, तो लोग मतदान क्यों करें? मतदाता ने कहा कि वोट लेने वालों की स्थिति बदल जाती है, लेकिन वोटर की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। इस पर परिषद के राष्ट्रीय महासचिव गव्यसिद्ध डॉ. अश्वनी कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए परिषद ने सरकार के सामने ‘जिंदा शपथ आयोग’ (Alive Oath Commission) का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य अधिकारियों की शपथ को उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही से जोड़ना है। राष्ट्रीय मतदाता आयोग बनाने की कही बात उन्होंने कहा कि जो लोग मतदान नहीं कर पाते, उनकी समस्याओं को समझने के लिए ‘राष्ट्रीय मतदाता आयोग’ (National Voter Commission) बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। इसका उद्देश्य किसी को मतदान के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि पात्र मतदाताओं को आसानी से मतदान का अवसर उपलब्ध कराना होगा। इसमें मतदाता सूची, दूरी, प्रवास, जानकारी की कमी, शारीरिक परेशानी और रोजगार जैसी वजहों से मतदान से वंचित लोगों की समस्याओं की पहचान कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में परिषद ने मिशन-2029 के पंच प्राण भी बताए। इनमें मतदान-जलपान सम्मान योजना, डिजिटल वोटर स्लिप, बूथ वोटर मोटिवेशनल संगीत, मोबाइल/डिजिटल मतदान की दिशा में प्रयास और यूथ वोटर मोटिवेटर यूनिट शामिल हैं। कार्यक्रम में बेंगलुरु में रहने वाली श्वेता मिश्रा को कर्नाटक संगठन विस्तार प्रकोष्ठ की प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने जिम्मेदारी स्वीकार की। कार्यक्रम में अधिवक्ता दीपक चौहान, डॉ. अजय कुमार मिश्रा समेत कई नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने मतदान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपने सवाल और सुझाव रखे।

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