बड़वानी में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार रात गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का चल समारोह निकाला गया। रात 8 बजे तिरछी पुलिया से शुरू हुआ यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात तक चला, जिसमें 40 से अधिक मनमोहक झांकियां शामिल रहीं। धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित इन झांकियों को देखने के लिए शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। 33 फीट लंबी 'समुद्र मंथन' और 'शब्दभेदी बाण' बनीं आकर्षण का केंद्र सीताराम मित्र मंडल की 33 फीट लंबी और दो मंजिला 'समुद्र मंथन' की झांकी बनाई, जो सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। श्रीराम मित्र मंडल की पृथ्वीराज चौहान द्वारा मोहम्मद गोरी को 'शब्दभेदी बाण' मारने के ऐतिहासिक प्रसंग का जीवंत चित्रण किया। अन्य प्रमुख झांकियां में रानीपुरा बायस मंडल की 'इंद्रजीत-वृत्तासुर युद्ध', ओम नमः शिवाय मित्र मंडल की 'अघासुर वध', नवलपुरा बायस ग्रुप की 'राधा-कृष्ण नृत्य' और गणेश उत्सव समिति (भांडर मोहल्ला) की बनाई गई 'नर्मदा परिक्रमा' की झांकी को लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा कई मंडलों ने कृष्ण लीला, शिव बारात और कलयुग-सतयुग पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। अखाड़े के जांबाजों ने दिखाए पारंपरिक करतब चल समारोह में झांकियों के साथ बजरंग व्यायाम अखाड़ा (महेंद्र टॉकीज) भी शामिल हुआ। अखाड़ा प्रमुख महेश जाधव के नेतृत्व में सदस्यों ने रास्ते भर लाठी-काठी और अन्य पारंपरिक शस्त्र संचालन के हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन, नाश्ते और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। ड्रोन और CCTV से निगरानी जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस मुस्तैद रही। करीब 200 पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया था। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए आयोजकों की ओर से वॉलंटियर्स भी लगाए गए थे। इसके साथ ही, पूरे चल समारोह की सुरक्षा व्यवस्था पर ड्रोन कैमरों और मुख्य चौराहों पर लगे सीसीटीवी के जरिए पैनी नजर रखी गई।
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