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स्कूल में छात्राओं से धुलवाए 100-150 बच्चों के बर्तन:मानवाधिकार संगठन ने डीईओ से की शिकायत, प्रिंसिपल बोले- बच्चे खेल रहे थे

India • 13h ago • Source: publicofindia

पूर्णिया में स्कूल में छात्राओं से बर्तन धुलवाए गए हैं। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो के आधार पर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत के युवा जिला अध्यक्ष मयंक कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीईओ से शिकायत की है। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल का मनीष राय कहते हैं कि बच्चियां खेल रहीं थीं। संगठन के युवा जिला अध्यक्ष मयंक कुमार ने कहा कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का स्थान है। खुद का बर्तन धोना या शिक्षक का एक-दो बर्तन धोना संस्कार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन 100 से 150 बच्चों के बर्तन तीन-चार मासूम बच्चों से धुलवाना सीधे तौर पर बच्चों का मानसिक और शारीरिक शोषण है। जब सरकार ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकाने और सफाई के लिए रसोइयों की बहाली की है, तो बच्चों से यह काम करवाना पूरी तरह अनुचित और गैर-कानूनी है। दोपहर के भोजन के बाद बच्चों को मिलने वाले आधे घंटे के खेल-कूद के समय को बर्तन धोने में बर्बाद किया जा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है। मामला कसबा प्रखंड में स्थित मध्य विद्यालय सिमरिया का है। पांच दिन पहले संगठन के पास वीडियो आया था मयंक कुमार ने बताया कि 5 दिन पहले हमारे संगठन के पास एक वीडियो आया था, जिसमें मध्य विद्यालय सिमरिया के छोटे-छोटे बच्चों से विद्यालय परिसर में बर्तन और थालियां धुलवाई जा रही थी। संगठन के पदाधिकारियों ने इस मामले की जानकारी अपने प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व को दी। इसके बाद उच्च पदाधिकारियों के निर्देशानुसार युवा कमेटी और मेन विंग के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपा। 3 से 4 दिनों का अल्टीमेटम मयंक कुमार ने स्पष्ट किया कि संगठन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 से 4 दिनों का समय दिया है। यदि तय समय सीमा के भीतर शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन के प्रतिनिधि जिलाधिकारी पूर्णिया से मुलाकात करेंगे। जरूरत पड़ने पर इस मामले को राज्य स्तर पर पटना तक ले जाया जाएगा और बच्चों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर प्रशासन तक संघर्ष किया जाएगा। वीडियो में जो दिख रहा वो सच नहीं- प्रिंसिपल विद्यालय के प्रिंसिपल मनीष राय ने कहा कि ये मामला बिल्कुल अलग है। जैसा वीडियो में दिख रहा है, उसमें शत प्रतिशत सच्चाई नहीं है। दरअसल जिस दिन का यह वीडियो है, उस दिन एक रसोइया की तबीयत स्कूल में ही अचानक खराब हो गई। बेहोश हो जाने के कारण दूसरी रसोइया उसे घर पहुंचाने गई थी। तभी कक्षा 2 और 3 के बच्चियां खाने के बाद बर्तन के साथ खेलने लगीं। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया है। जबकि उन बच्चों पर नजर पड़ते ही उन्हें वहां से हटा दिया गया था। बीईईओ से जांच कराई गई है- डीईओ जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि वीडियो और आवेदन संज्ञान में आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) से मामले की जांच कराई गई है। वीडियो की सत्यता पाई गई है। कार्रवाई की जा रही है।

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