वडोदरा, 23 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें आध्यात्मिक जागरण भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवा तैयार करने होंगे, जो ज्ञान, तकनीक और कौशल के साथ आत्मविश्वास, आत्मअनुशासन और नैतिक मूल्यों से भी संपन्न हों।
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