बागपत में लंबे समय से बकाया मजदूरी के लिए परेशान दो श्रमिकों को आखिरकार उनका हक मिल गया। श्रम विभाग की कार्रवाई के बाद राजमिस्त्री जमशेद को 2 लाख 56 हजार रुपये और पत्थर लगाने वाले परवेज को 39 हजार रुपये का चेक मिला। यह मामला मकान बनाने वाले राजमिस्त्री जमशेद और बड़ौत में पत्थर लगाने वाले परवेज से जुड़ा है। दोनों ने अपना काम पूरा कर लिया था, लेकिन उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली थी। काफी इंतजार के बाद उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामले को सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुना गया और श्रमिकों के हक में आदेश दिए गए। हालांकि, आदेश के बाद भी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद श्रम विभाग ने नियमों के हिसाब से वसूली की कार्रवाई शुरू की और बकाया रकम वसूल की। सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने बताया कि मजदूरी से जुड़ी शिकायतों को नियमों के हिसाब से निपटाकर श्रमिकों को उनका हक दिलाना विभाग की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आदेश के बाद भी भुगतान न होने पर नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाती है। इन दोनों मामलों में भी इसी प्रक्रिया से बकाया राशि वसूल कर श्रमिकों को भुगतान कराया गया। वसूली के बाद जमशेद को 2.56 लाख रुपये और परवेज को 39 हजार रुपये का चेक सौंपा गया। लंबे समय से रुकी मजदूरी मिलने से दोनों श्रमिकों को राहत मिली। उन्होंने श्रम विभाग की कार्रवाई के लिए शुक्रिया अदा किया।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.