दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में मैच फिक्सिंग और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने अपना पक्ष रखा है. यह मामला उस समय सामने आया जब एक स्टिंग ऑपरेशन में पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी रचित भाटिया कथित तौर पर मैच फिक्सिंग से जुड़े दावे करते हुए नजर आए. इसके बाद दिल्ली प्रीमियर लीग में खेले गए कुछ मुकाबलों को लेकर सवाल उठने लगे. DDCA ने अपने बयान में साफ किया कि सामने आए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है. किसी भी सक्षम अथॉरिटी ने इन आरोपों को सही नहीं माना है. संघ ने कहा कि केवल स्टिंग ऑपरेशन में किए गए दावों के आधार पर किसी खिलाड़ी, टीम या फ्रेंचाइजी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए. DDA ने इस मामले से जुड़ी जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ भी शेयर कर दी है. DDCA ने जांच के लिए भेजी जानकारीDDCA ने कहा कि वह क्रिकेट की साख को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है. संघ ने भरोसा दिलाया कि अगर इस मामले में जांच होती है तो वह संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा. साथ ही, अगर जांच के बाद किसी तरह की कार्रवाई जरूरी पाई जाती है तो वह नियमों और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होगी. रचित भाटिया ने स्टिंग में क्या कहा?यह पूरा विवाद डीपीएल के तीसरे सीजन के सातवें मुकाबले के बाद चर्चा में आया. यह मैच सेंट्रल दिल्ली किंग्स और नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया था. स्टिंग ऑपरेशन में रचित भाटिया ने कथित तौर पर टॉस से पहले कुछ अहम जानकारी साझा करने का दावा किया. उन्होंने 2025 आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े मैचों में फिक्सिंग और 2018-19 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर भी अलग दावे किए. उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, भाटिया ने 2018-19 सीजन में नागालैंड के लिए दो टी20 मैच खेले थे और दो विकेट लिए थे. DDA ने फिर दोहराया कि फिलहाल ये सिर्फ आरोप हैं और सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी.
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