भगवान द्वारकाधीश श्रीकृष्ण के अवतार माने जाने वाले राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव पीर की मंगलवार को फाफाडीह चौक स्थित रामदेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लक्ष्मी रणछोड़ धर्मार्थ न्यास की ओर से आयोजित शोभायात्रा में समाज के सभी वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आकर्षक रूप से सजे रथ पर बाबा रामदेव पीर की तस्वीर रखी गई थी। बालिकाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। वहीं, मार्ग में महिलाओं ने पारंपरिक गुजराती डांडिया नृत्य किया। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह हुई बाबा की पूजा-अर्चना शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव पीर की पूजा-अर्चना की। लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, पानी, फल, मिठाई और टॉफी की सेवा की। शोभायात्रा के पाटीदार समाज भवन, फाफाडीह पहुंचने पर बाबा के श्रीविग्रह की स्थापना की गई। इसके बाद आरती हुई। श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद आरती के बाद महाप्रसाद का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को महिला मंडल और युवा मंडल की ओर से रास-गरबा का आयोजन किया गया। रामदेव पीर को लेकर मान्यता लोक मान्यता के अनुसार बाबा रामदेव पीर को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। राजस्थान में उन्हें लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। बाबा रामदेव पीर ने समानता, भक्ति और मानव सेवा का संदेश दिया। उनके भक्त उन्हें श्रद्धा से रामसा पीर भी कहते हैं।
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