खारिया खंगार के राजश्री नगर में शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। संयंत्र प्रमुख आलोक निगम के मार्गदर्शन में 16 से 22 सितंबर तक चलने वाली इस सात दिवसीय कथा में परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहा। पंडित मनीष गौतम शास्त्री ने व्यासपीठ से माता पार्वती के जन्म और भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए की गई उनकी कठोर तपस्या का वर्णन किया। कथा में बताया गया कि माता पार्वती ने अन्न-जल त्याग कर वर्षों तक कठोर तपस्या की। उनकी अटूट श्रद्धा और समर्पण के कारण भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह का सुंदर प्रसंग सुनाया गया। इस मौके पर कथा स्थल पर शिव-पार्वती की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, चौथे दिन राधा अष्टमी का उत्सव भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इससे आयोजन का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया। कथा को सफल बनाने में पंकज पोद्दार, जगदीश तिवारी, विनय चितले और डॉ. राजेश सिंह का विशेष योगदान रहा। राम मंदिर समिति और बिरला व्हाइट परिवार के सभी सदस्यों ने भी सहयोग किया। खारिया खंगार गांव के ग्रामीण, कॉलोनी निवासी और दूसरे लोग उत्साह के साथ कथा सुनने पहुंचे और आध्यात्मिक आनंद लिया। शिव पुराण के कई प्रसंगों पर महिला श्रद्धालु झूम उठीं।
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