मिर्जापुर पुलिस ने साइबर ठगी रोकने के लिए तकनीक के क्षेत्र में एक रिकॉर्ड बनाया है। इसे इंडिया रिकॉर्ड बुक में दर्ज किया गया है। बीएचयू दक्षिणी परिसर में तीन दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को खत्म हुआ। इसमें पुलिसकर्मियों को साइबर फ्रॉड की पहचान, जागरूकता और उसकी जांच में माहिर बनाया गया। इंडिया रिकॉर्ड बुक के प्रतिनिधि प्रांजल द्विवेदी ने इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने एसपी अपर्णा रजत कौशिक को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मान दिया। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि साइबर अपराध रोकने और मामलों की अच्छी जांच के लिए जिले के 1509 पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है। ट्रेनिंग में साइबर फ्रॉड के नए तरीके, शिकायतों की जांच, डिजिटल सबूत इकट्ठा करने और पीड़ितों को राहत देने के तरीके बताए गए। मुख्य अतिथि डीआईजी पूनम ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ आम लोगों में जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी पीड़ितों को लगातार राहत देने की कोशिश कर रहे हैं। इस ट्रेनिंग के बाद उनकी तकनीकी क्षमता और बढ़ेगी। एसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने कहा कि इस ट्रेनिंग से पुलिसकर्मियों के काम करने के तरीके में बदलाव आएगा। साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच में आसानी होगी। तकनीकी बातें समझकर कार्रवाई तेजी से होगी। यह कार्यक्रम पुलिस और विश्व शाश्वत परिषद (WSC) ने मिलकर आयोजित किया। पुलिसकर्मियों को मशहूर आईटी कंपनी किनड्रील के साइबर रक्षक 2.0 CSR कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सरिता तिवारी ने मुख्य अतिथि डीआईजी पूनम का स्वागत किया। मिर्जापुर पुलिस की इस उपलब्धि को साइबर अपराध के खिलाफ तकनीकी रूप से मजबूत पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.