बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की माह अगस्त, 2026 तक की राजस्व प्राप्ति, मासिक लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि, वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति तथा गत वर्ष की इसी अवधि की उपलब्धि की तुलनात्मक समीक्षा की। कर-करेत्तर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क, आबकारी, बैंक, विद्युत, परिवहन विभाग, वानिकी एवं वन्य जीव तथा अलौह खनन एवं धातुकर्म सहित विभिन्न मदों में राजस्व प्राप्ति की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं है, वे कार्ययोजना बनाकर राजस्व वसूली में तेजी लाएं तथा माहवार लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करें। जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कम उपलब्धि वाले विभागों को विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति शासन की विकास एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से सीधे जुड़ी है, इसलिए लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि वित्तीय वर्ष के अंत में लक्ष्य प्राप्ति का दबाव न बने और प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति होती रहे। राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलवार राजस्व वादों के निस्तारण, दाखिल-खारिज, वरासत, पैमाइश, सीमांकन, अंश निर्धारण, निर्विवाद उत्तराधिकार, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्र, भू-राजस्व वसूली तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पुराने एवं समय-सीमा से अधिक लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए तथा वादों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिया कि राजस्व न्यायालयों में नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाए। पुराने वादों के निस्तारण पर विशेष फोकस किया जाए। वरासत एवं दाखिल-खारिज से संबंधित निर्विवाद मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक रूप से तहसीलों के न आना पड़ें। डीएम ने कहा कि आईजीआरएस एवं जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त राजस्व संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में मौके पर जाकर जांच करते हुए शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। भूमि विवाद से संबंधित संवेदनशील मामलों में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा, आरसी की वसूली में तेजी तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। मासिक लक्ष्य के साथ-साथ वार्षिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाकर वसूली की जाए तथा लंबित राजस्व प्रकरणों का अभियान चलाकर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व , अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं कर-करेत्तर से संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दी संवाद न्यूज से रिपोर्टर वी. संघर्ष बलरामपुर।
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