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बिहार के 29 जिलों में बनेंगे हाईटेक परीक्षा भवन::330 करोड़ होंगे खर्च, एक हॉल में 1 हजार परीक्षार्थी बैठेंगे; CCTV निगरानी के साथ स्ट्रॉन्ग

India 13h ago Source: publicofindia

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) राज्य के 29 जिलों में बहुउद्देशीय हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह बनाएगी। इन भवनों के निर्माण पर 330 करोड़ 7 लाख 13 हजार रुपए खर्च होंगे। इसके लिए तकनीकी अनुमोदन मिलने के बाद प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गई है। 27 जिलों में 29 जगहों पर G+3 यानी चार मंजिला परीक्षा भवन बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के लिए करीब 1 से 1.5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। 29 जगहों पर बनेंगे परीक्षा भवन विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि भवन निर्माण विभाग के माध्यम से इन परीक्षा भवनों का निर्माण कराया जाएगा। 27 जिलों में कुल 29 परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह बनाए जाएंगे। मधुबनी और समस्तीपुर में दो-दो भवन बनाए जाएंगे, जबकि बाकी जिलों में एक-एक भवन होगा। स्कूल-कॉलेजों में परीक्षा होने से पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित फिलहाल BPSC, BSSC, BTSC, BPSSC समेत विभिन्न आयोगों और विभागों की परीक्षाएं जिला स्तर पर स्कूलों और कॉलेजों में कराई जाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान इन संस्थानों में पठन-पाठन और उनकी आंतरिक परीक्षाएं प्रभावित होती हैं। नए परीक्षा भवन बनने के बाद बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं इन्हीं केंद्रों पर कराई जा सकेंगी। इससे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई नियमित रूप से चलती रहेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। बिहार बोर्ड के अनुसार, हाल के दिनों में आयोजित परीक्षाओं में यह सामने आया है कि कई बार परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र का स्थान ढूंढने और वहां पहुंचने में परेशानी होती है। जिला मुख्यालय में प्रतिष्ठित और निर्धारित परीक्षा भवन बनने से इस समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। एक हॉल में 1 हजार परीक्षार्थी, CCTV से निगरानी प्रस्तावित परीक्षा भवनों में एक हॉल में करीब 1 हजार परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। परीक्षा के दौरान पूरे परिसर की CCTV से निगरानी की जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए भी इन भवनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन केंद्रों को जरूरत के अनुसार मूल्यांकन केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई जाएगी। वज्रगृह में गोपनीय सामग्री भी रखी जाएगी हर परीक्षा भवन में स्ट्रॉन्ग रूम यानी वज्रगृह बनाया जाएगा। यहां परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रखा जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर उत्तरपुस्तिकाओं की बारकोडिंग और स्कैनिंग भी यहीं कराई जा सकेगी। इन वज्रगृहों का इस्तेमाल सिर्फ परीक्षा कार्यों के लिए ही नहीं होगा। चुनाव के दौरान निर्वाचन से जुड़ी संवेदनशील सामग्री को भी यहां सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे चुनाव के लिए स्कूल-कॉलेजों को बार-बार इस्तेमाल करने की जरूरत कम होगी और वहां पढ़ाई जारी रह सकेगी। 24 घंटे CCTV और सुरक्षा की व्यवस्था परीक्षा भवनों में सुरक्षा, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी रहेंगी। पूरे परिसर की 24 घंटे CCTV के जरिए निगरानी और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था होगी। इससे परीक्षा सामग्री और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। जिस स्कूल-कॉलेज में बनेगा, उसी को संचालन के लिए मिलेगा जिस स्कूल या कॉलेज की जमीन/परिसर में परीक्षा भवन का निर्माण कराया जाएगा, निर्माण के बाद उसे संचालन के लिए उसी संस्थान को सौंपा जाएगा। परीक्षा भवन से होने वाले राजस्व में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और संबंधित स्कूल-कॉलेज की हिस्सेदारी होगी। संबंधित स्कूल-कॉलेज अपनी जरूरत के अनुसार इन भवनों में आंतरिक परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित कर सकेंगे। इससे उन्हें अलग परीक्षा केंद्र की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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