लखनऊ के डीएलएड अभ्यर्थियों ने प्राइमरी स्कूलों में 60 हजार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को निशातगंज स्थित SCERT में धरना प्रदर्शन किया। नाराज अभ्यर्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। डीएलएड अभ्यर्थियों का कहना है कि आठ वर्ष बाद सिर्फ 11,508 पदों पर नगरीय प्राइमरी स्कूलों के लिये शिक्षक भर्ती निकाली गई है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राइमरी विद्यालयों में हजारों की संख्या में शिक्षकों पद खाली हैं। लिहाजा सरकार नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खाली पदों को जोड़कर 60 हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करे। 60 हजार पदों पर हो भर्ती अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। बाद में अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से ज्ञापन लेकर अक्टूबर में ग्रामीण शिक्षक भर्ती का विज्ञापन लाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अभ्यर्थी धरना खत्म कर वापस चले गए। डीएलएड संघ के नेतृत्व में पहले से प्रस्तावित धरने के मद्देनजर गुरुवार को प्रदेश भर से भारी संख्या में डीएलएड पास अभ्यर्थी निशातगंज स्थित SCERT पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2018 से प्रदेश में कोई शिक्षक भर्ती नहीं हुई है। शिक्षकों के करीब 60 हजार पद खाली हैं। इसके बावजूद विभाग ने सिर्फ 11,508 पद का विज्ञापन निकाला है। प्रदेश स्तरीय आंदोलन की तैयारी अभ्यर्थियों ने बताया कि डीएलड संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह को बुधवार रात प्रयागराज के एक होटल से पुलिस ने हिरासत में लिया था। अभ्यर्थी पांच सितबर से प्रयागराज में धरना दे रहे थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि अक्टूबर में यदि विज्ञापन नहीं निकाला गया तो फिर से प्रदेश स्तरीय आन्दोलन किया जाएगा।
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