शिवहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शिवहर में स्थानीय लोगों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कहतरवा-शिवहर पथ पर लंबे समय से जलजमाव और बदहाल सड़क से परेशान लोगों ने सड़क पर जमा पानी के बीच प्रतीकात्मक रूप से केक काटा और दीपदान कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने बदहाल सड़क को ‘वाटर पार्क’ का नाम दिया। सालभर सड़क पर जमा रहता है पानी स्थानीय लोगों का कहना है कि कहतरवा-शिवहर पथ पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क पर पानी जमा रहने के कारण लोगों को रोज इसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। उनका कहना है कि ऐसे में यह समझना मुश्किल हो गया है कि यह सड़क है या ‘वाटर पार्क’। केक काटकर प्रशासन का ध्यान खींचा लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके को विरोध के प्रतीकात्मक अवसर के रूप में चुना। जलजमाव के बीच केक काटकर और दीपदान कर उन्होंने सड़क की बदहाली की ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक सड़क पर पानी जमा रहने से रोजाना यातायात प्रभावित होता है। जलजमाव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। वर्षों पुरानी समस्या, स्थायी समाधान का सवाल स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसी सड़क चाहिए जिस पर सुरक्षित तरीके से आवागमन हो सके। विकास के दावों के बीच सड़क की बदहाली लोगों ने कहा कि एक तरफ विकास और बड़े प्रोजेक्ट की चर्चा होती है, जबकि दूसरी तरफ बुनियादी सड़क की स्थिति ऐसी है कि लोगों को पानी में खड़े होकर विरोध करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसी विरोध के जरिए विकास के दावों पर सवाल उठाया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल प्रदर्शनकारियों ने पूछा कि यदि विकास का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है तो कहतरवा-शिवहर पथ की स्थिति वर्षों से ऐसी क्यों बनी हुई है। लोगों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। अब समाधान का इंतजार अनोखे प्रदर्शन के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और संबंधित विभाग पर है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि वर्षों पुरानी जलजमाव और सड़क की बदहाली की समस्या को दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई होगी।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.