कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से देशभर में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन’ शुरू किया जा रहा है। CJP के नेशनल कन्वीनर आशुतोष रांका ने बताया कि कैंपेन के तहत राजस्थान के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़, सिरोही, बारां-अंता समेत आदिवासी आबादी वाले इलाकों में स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति का डॉक्यूमेंनटेशन किया जाएगा। इसके बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी अभियान ले जाने की योजना है। रांका ने बताया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत अब तक देशभर में 15 हजार से ज्यादा और राजस्थान में 500 से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। आशुतोष ने बताया - राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर अगले एक महीने तक स्कूल-कॉलेजों में ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने की बात कही है। हम भी आदिवासी इलाकों के स्कूलों में आशीर्वाद का दिया जलाएंगे और उम्मीद करेंगे कि सरकार इन स्कूलों की सुध ले। उन्होंने झालावाड़ में जुलाई 2025 में स्कूल की इमारत गिरने की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि स्कूलों में हादसे होने से पहले सुरक्षित इमारत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के नेशनल को-इंचार्ज दीपक बालियां और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ज्वाइंट रेखा शर्मा मौजूद रहे। सवाल- ‘स्कूल ठीक करो कैंपेन’ के बाद अब ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन’ क्यों शुरू किया जा रहा है? आशुतोष - हमने 1 महीने पहले स्कूल ठीक करो कैंपेन की शुरुआत की थी। इसे लेकर हमें जिस प्रकार का रिस्पांस मिला, उसमें 15 हजार से ज्यादा स्कूल देशभर में ऑडिट किए गए। राजस्थान में 500 से ज्यादा स्कूलों की ऑडिटिंग हुई। ऐसे में अब हम चाहते हैं कि जो इस देश के मूल निवासी हैं, जिनका देश के संसाधनों, जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार है, उनके इलाकों में किस तरीके के हालात हैं, किस तरीके के स्कूल हैं, किस तरीके के अस्पताल हैं, किस तरीके की सड़कें हैं और रोजगार की क्या स्थिति है, यह देश के सामने आए। इसके लिए हमने स्कूल ठीक करो कैंपेन के सेकंड फेज में आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन की शुरुआत कर रहे हैं। आने वाले समय में हम राजस्थान के सभी जिले, जहां आदिवासी जनसंख्या है। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा जैसे तमाम जिलों में जाएंगे। इसके साथ राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में जाएंगे और वहां के स्कूल-कॉलेज का दौरा करेंगे। सवाल- प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दिया जलाने का क्या मैसेज है? आशुतोष- राजस्थान सरकार ने बोला है कि अगले 1 महीने तक प्रदेशभर के स्कूलों और कॉलेजों में ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाया जाए, तो हम आने वाले समय में उन सभी स्कूल-कॉलेज का दौरा करेंगे और उन सभी स्कूल-कॉलेज में ‘आशीर्वाद का दिया जलाएंगे।’ क्या मालूम इसी बहाने राजस्थान सरकार उन स्कूल-कॉलेज की सुध ले लें। सवाल- क्या आपको ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ कैंपेन में स्थानीय लोगों का सहयोग मिलेगा? आशुतोष - बिल्कुल मिलेगा, क्यों नहीं मिलेगा। झालावाड़ में स्कूल गिरी, उस घटना के बारे में सभी लोग परिचित हैं। आज तक वह स्कूल नहीं बन पाया है। वहां के आस-पास के इलाके के जो बच्चे हैं, वह अभी तक जर्जर इमारत में और खुले में पढ़ने को मजबूर हैं। वहां कहां सुधार हुआ। जब तक सुधार नहीं होगा, तब तक लोग चुप थोड़ी ना बैठेंगे। अब अच्छी बात यह है कि CJP का प्लेटफॉर्म आ चुका है, जो लोगों के असल मुद्दों की बात करेगा। हम बिल्कुल गांव वालों के साथ मिलकर स्कूल और कॉलेज को ठीक करेंगे। सवाल- क्या कॉकरोच जनता पार्टी राजनीति में भी उतरने का मन बना रही है? आशुतोष - अभी तो इस तरीके का कोई विचार नहीं है। अभी तो हम स्कूल ठीक करने पर फोकस हैं। कॉलेज ठीक करने हैं। सवाल- अधिकतर राजनीतिक पार्टियां स्कूल और अस्पताल के मुद्दे उठाती हैं, लेकिन फिर चुनाव में उतर जाती हैं? आशुतोष - कौन सी पार्टी ने स्कूल-कॉलेज के मुद्दे उठाए, मुझे तो याद नहीं है। राजस्थान में स्कूल और कॉलेज की कब बात हुई थी, मुझे याद नहीं। राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे पर कब चर्चा हुई थी, मुझे नहीं याद। देश की संसद में लास्ट कब चर्चा हुई थी, यह भी याद नहीं है। तो यह कहना कि पहले भी चर्चा होती रही है, मुझे नहीं लगता कि यह सही वाक्य है। सवाल- पहले आम आदमी पार्टी भी ऐसे ही मुद्दों पर बात करती थी? आशुतोष - आम आदमी पार्टी बिल्कुल आई थी और ऐसी कई पार्टियां हैं, जो समय-समय पर शिक्षा के मुद्दे पर, अस्पतालों के मुद्दे पर बात करती रही हैं। लेकिन मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव क्यों है? आजादी के 80 साल के बाद भी देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी में भैंसों के तबेले में पढ़ने को मजबूर क्यों है, इसका जवाब किसी भी राजनीतिक पार्टी के पास नहीं है। इसलिए CJP चुप नहीं रहने वाली, रुकने वाली नहीं है।
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