मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने बुधवार शाम को कहा कि वह मुंबई के लिए अपनी यात्रा बृहस्पतिवार दोपहर को शुरू करेंगे। फिलहाल चिकित्सा उपचार के लिए बीड के पाटोदा में ठहरे जरांगे ने कहा कि यदि रास्ते में किसी ने उन्हें रोका, तो मराठा समुदाय के लोगों को महाराष्ट्र की राजधानी के लिए कूच करना चाहिए। आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का बुधवार को 19वां दिन था। वे बुधवार तड़के पाटोदा पहुंचे और यहां पर ठहरे क्योंकि गंभीर निर्जलीकरण और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल इलाज की सलाह दी थी। शाम को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं किसी की बात नहीं सुनने वाला था, लेकिन नारायणगढ़ के धर्म गुरुओं ने मुझसे दवा लेने का आग्रह किया। लेकिन मैं कल दोपहर एक बजे के बाद मुंबई के लिए रवाना हो जाऊंगा। मैं आज रात इलाज कराऊंगा और कल निकल जाऊंगा। उन्होंने कहा, मैं मराठा समुदाय के लोगों के लिए मुंबई पहुंचने को लेकर किसी तारीख की घोषणा नहीं करूंगा। सरकार की ओर से एक या दो घंटे में (प्रस्तावों का) नया मसौदा आ सकता है। इसलिए मैं अभी तारीख का ऐलान नहीं करूंगा। पात्र मराठों के लिए कुनबी जाति प्रमाण पत्र की मांग कर रहे कार्यकर्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, देखते हैं कि मुझे मुंबई में प्रवेश करने से कौन रोकता है। यदि वे मुझे (प्रवेश की) अनुमति नहीं देते हैं, तो मैं मराठा समुदाय के लोगों को बुलाऊंगा। जरांगे ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया है कि वे आठ से 10 वाहनों के काफिले के साथ यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल अन्य लोगों को उनके साथ नहीं आना चाहिए। जरांगे ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम की मांग करते हुए कहा, यदि मुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस) को लगता है कि मेरा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, तो उन्हें हमारी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.