LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  POLITICS  /  9 परिवारों के 55 लोगों का सामाजिक बहिष्कार:परिव...
POLITICS Verified हिंदी

9 परिवारों के 55 लोगों का सामाजिक बहिष्कार:परिवार बोला- बेटियों के रिश्ते लौटा रहे, कार्यक्रमों में एंट्री बैन, अध्यक्ष बोला- गाली-गलौज की थी

India 13h ago Source: publicofindia

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के परपोड़ी गांव में मानिकपुरी समाज ने 9 परिवारों के 55 लोगों का पिछले 3-4 साल से सामाजिक बहिष्कार कर रखा है। उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों और शादी समारोहों में नहीं बुलाया जाता है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि बेटी की शादी के लिए रिश्ता लेकर आने वाले रिश्तेदारों को भी बाहर से लौटा दिया जाता है। निर्मल दास मानिकपुरी समेत परिवार ने कलेक्टर से इसकी शिकायत की है। जिसके बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने तहसीलदार और परपोड़ी थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, समाज के अध्यक्ष ने गाली-गलौज करने के बाद परिवारों का बहिष्कार करने की बात कही। दरअसल, परपोड़ी क्षेत्र में सालों पहले समाज के दो गुटों में विवाद था। एक गुट समय के साथ समाज में प्रभावशाली होता गया। वहीं एक गुट कमजोर होता गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि मई 2023 में संभाग स्तरीय समाज की बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया। इसे लेकर समाज के लोगों से उन्होंने आपत्ति जताई थी। इसके बाद से ही उनका बहिष्कार कर दिया गया। परिवार को बेटी की शादी की चिंता पीड़ित परिवार की सरिता मानिकपुरी ने बताया कि, उनकी बेटी अब शादी के योग्य है। परिवार का आरोप है कि, जब बेटी के लिए कोई रिश्ता लेकर आता है तो उसे घर के बाहर से ही वापस भेज दिया जाता है। समाज के लोगों को भी परिवार से सामाजिक संबंध रखने से रोका जाता है। शादी-समारोह और सामाजिक कार्यक्रमों से रखा दूर शिकायतकर्ता निर्मल दास के मुताबिक, उनके परिवार समेत 9 परिवारों के 55 लोगों के साथ समाज के कुछ लोग लंबे समय से भेदभाव कर रहे हैं। आरोप है कि इन परिवारों को समाज की बैठकों, सामाजिक कार्यक्रमों और शादी समारोहों में शामिल नहीं किया जाता। परिवार बोला- अपमान और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा निर्मल दास ने शिकायत में बताया कि, 23 मई 2026 को समाज के कुछ लोगों ने बिना सुनवाई का मौका दिए और उचित जांच किए परिवार को समाज से अलग रखने का फैसला लिया। परिवार के सदस्यों के साथ आने-जाने और सामाजिक संबंध रखने पर भी रोक लगाने की बात कही गई। साल 2010 में मुन्ना दास से 10 हजार रुपए और साल 2003 में नरेश दास से 9 हजार रुपए आर्थिक दंड लेने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक रूप से परिवार के खिलाफ बातें किए जाने से उन्हें अपमान और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। गाली-गलौज के चलते हुआ बहिष्कार- अध्यक्ष परपोड़ी के मानिकपुरी समाज अध्यक्ष जगतारण मानिकपुरी ने कहा कि, पीड़ित परिवार की ओर से अब तक समाज के पास कोई आवेदन नहीं आया है। परिवार समाज के पास आने के बजाय बाहर-बाहर थाना और कलेक्टर के पास आवेदन दे रहा है। साजा ब्लॉक में आवेदन दिया गया है, जबकि निर्णय गांव परपोड़ी में होना है। इसलिए आवेदन समाज के पास आना चाहिए था। यदि पीड़ित परिवार समाज को आवेदन देता है, तो समाज के लोग उससे बैठक में उचित तरीके से बात करने के लिए तैयार हैं। आवेदन मिलने के बाद बैठक कर मामले में निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर ने तहसीलदार और थाना प्रभारी को जांच सौंपी कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बताया कि, शिकायतकर्ता ने जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने के साथ परिवारों को न्याय और सुरक्षा देने की मांग की है। प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.