KGMU में भर्ती गरीब, विपन्न और आयुष्मान भारत योजना के मरीजों के इलाज में महंगे विदेशी इम्प्लांट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। गांधी स्मारक एवं सम्बद्ध चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय ने हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि इन मरीजों के लिए इम्पोर्टेड, विदेशी या अत्यधिक महंगे इम्प्लांट एचआरएफ से जारी नहीं किए जाएंगे। सस्ते मेड इन इंडिया इम्प्लांट लगेंगे अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि गरीब, विपन्न और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के मरीजों के लिए अच्छे और सस्ते मेड इन इंडिया इम्प्लांट उपलब्ध कराए जाएं। इससे मरीजों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। विदेशी इम्प्लांट के लिए लिखित अनुमति जरूरी अगर किसी मरीज के लिए विदेशी इम्प्लांट लगाना बेहद जरूरी हो तो संबंधित डॉक्टर या सर्जन को पहले सीएमएस, एमएस या डीएमएस से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति विदेशी या महंगा इम्प्लांट जारी करने को वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।
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