गाजियाबाद में नगर निगम और प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सिद्धार्थ विहार, हिंडन नदी और अर्थला परगना क्षेत्र में सरकारी जमीन और डूब क्षेत्र में किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई में करोड़ों रुपये की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। तहसीलदार सदर, पटवारी, नगर निगम के कानूनगो समेत राजस्व और नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने पहले जमीन की स्थिति का निरीक्षण कर कब्जे वाली जमीन की पहचान की। इसके बाद जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण और कब्जे हटाए गए। सरकारी जमीन पर कब्जा किया तो होगी कार्रवाई अधिकारियों ने कहा कि नगर निगम की सरकारी एलएमसी जमीन और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन स्थानों पर कब्जे चिह्नित किए गए हैं, वहां नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि सरकारी जमीन और डूब क्षेत्र में कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ विजयनगर थाने में नामजद केस दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी और डूब क्षेत्र की जमीन पर कब्जा कर उसे बेचने के मामलों की भी जांच कराई जाएगी। अवैध तरीके से जमीन बेचकर कमाई गई संपत्ति की जानकारी जुटाई जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री को भी भेजा जाएगा पत्र मेयर ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। चिह्नित कब्जों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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