मुख्यमंत्री ने जनपद वाराणसी में आयोजित ‘कामकाजी महिला सम्मान समारोह’ में कामकाजी महिलाओं को सम्मानित किया प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के लिए वातावरण तैयार, जिसमें बेटी घर की चौखट से निकलकर अपने सपनों की मंजिल तक पहुँच सके : मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री जी ने विगत 12 वर्षों में काशी को नए कलेवर और नई काया के साथ वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया, लगभग एक लाख करोड़ रु0 की परियोजनाएँ काशी में या तो पूर्ण अथवा संचालित वैश्विक स्तर पर जब लोकप्रिय राजनेताओं की चर्चा होती है, तो काशी के सांसद प्रधानमंत्री जी का नाम प्रमुखता से सामने आता भारतीय समाज में बेटी परिवार की सबसे बड़ी पूँजी, बेटी सुरक्षित हो, सक्षम हो और उसे आगे बढ़ने का स्वतंत्र अवसर भी मिले, सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही महिला केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बने, यह सरकार का संकल्प आज महिलाएँ अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी, उभरती प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, खेल और सेना सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रहीं प्रदेश में मिशन शक्ति के माध्यम से महिला सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार किया गया ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से 05 लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए, सैनिक स्कूलों में बेटियों के प्रवेश का अवसर सुनिश्चित किया गया शीघ्र ही स्नातक अन्तिम वर्ष की 50,000 मेधावी छात्राओं को झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी कौशल विकास मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों से बेटियों और युवाओं को अवसर दिए जा रहे प्रोजेक्ट गंगा के अन्तर्गत लगभग 8,000 न्याय पंचायतों में से 4,000 महिला डिजिटल उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बी0सी0 सखी जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन का मार्ग दिखा रहीं लखनऊ : 09 सितम्बर, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं होगा, बल्कि आधी आबादी को इसका वास्तविक एहसास होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिसमें बेटी घर की चौखट से निकलकर अपने सपनों की मंजिल तक पहुँच सके। मुख्यमंत्री जी आज जनपद वाराणसी में आयोजित ‘कामकाजी महिला सम्मान समारोह’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, रसोइयों, सफाई मित्रों और आशा वर्करों आदि कामकाजी महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और स्वावलम्बन के सम्बन्ध में सरकार की प्राथमिकताओं पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अपनी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध काशी, बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है। प्रधानमंत्री जी ने विगत 12 वर्षों में काशी को नए कलेवर और नई काया के साथ वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी ने बिना रुके, बिना थके और बिना डिगे देश को नेतृत्व दिया। इसमें काशी महत्वपूर्ण आधार बनी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी की माताओं, नौजवानों, कारीगरों और समाज के प्रत्येक वर्ग ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 12 वर्षों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएँ काशी में या तो पूर्ण हो चुकी हैं अथवा संचालित हैं। देश में कोई नई तकनीक या नवाचार आता है, तो काशी में उसका लाभ पहुँचता है। महिला, युवा, व्यापारी, वंचित, दलित और पिछड़ा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए नई योजनाएँ और अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इसी कारण वैश्विक स्तर पर जब लोकप्रिय राजनेताओं की चर्चा होती है, तो काशी के सांसद प्रधानमंत्री जी का नाम प्रमुखता से सामने आता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बेटी को स्कूल भेजना हो, तो सुरक्षा की चिन्ता होती थी। घर में शौचालय न हो तो बेटी, बहन और माताओं के सम्मान की चिन्ता, रसोई में धुआँ हो तो स्वास्थ्य की चिन्ता, इलाज कराना हो तो पैसे की चिन्ता, घर चलाना हो तो आमदनी की चिन्ता और महिला घर से बाहर निकलना चाहे तो रास्ते, कनेक्टिविटी, अवसर और उस अवसर तक पहुँचने की चिन्ता होती थी। गरीब परिवार की बेटी के लिए स्कूल की दूरी केवल एक-दो किलोमीटर की दूरी नहीं थी। उसे चिन्ता होती थी कि वह सुरक्षित स्कूल जाएगी और वापस लौट पाएगी या नहीं। कॉलेज, बाजार, कार्यस्थल या प्रशिक्षण के लिए दूसरे स्थान पर जाना हो तो परिवार के सामने पहला सवाल उसकी सुरक्षा का होता था। सुरक्षा का भरोसा न होने पर सबसे पहले बेटी के सपनों पर रोक लगती थी। वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार ने तय किया कि बेटी को पढ़ाना भी है, बढ़ाना भी है और उसके रास्ते से सुरक्षा का भय भी समाप्त करना है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में मिशन शक्ति के माध्यम से महिला सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार किया गया। पहली बार मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित किए गए। महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी और एकीकृत महिला बीट प्रणाली लागू की गई। महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा के लिए ‘1090’ और ‘181’ जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से जोड़ा गया। बेटी सुरक्षित हो, सक्षम हो और उसे आगे बढ़ने का स्वतंत्र अवसर भी मिले, सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल में लगभग 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जो आज बढ़कर लगभग 45 हजार हो चुकी हैं। वर्तमान पुलिस भर्ती के बाद इनकी संख्या में और वृद्धि होगी। प्रदेश पुलिस बल में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। पी0ए0सी0 की तीन महिला बटालियन स्थापित की जा रही हैं, जिन्हें वीरांगनाओं के नाम दिए गए हैं। वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर बदायूँ, वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर लखनऊ और वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर गोरखपुर की महिला पी0ए0सी0 बटालियन का नामकरण किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केवल सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। सुरक्षा के साथ घर से बाहर निकलने का रास्ता भी चाहिए। बेटी के लिए रास्ता केवल सड़क नहीं है। यह स्कूल, अस्पताल, बाजार, कार्यस्थल और अपने सपनों की मंजिल तक पहुँचने का रास्ता है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 09 वर्षों में हाईवे, एयरपोर्ट, रेलवे व मेट्रो नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे सहित बेहतर कनेक्टिविटी ने स्कूल, कॉलेज, बाजार, रोजगार और कार्यस्थल की दूरी कम की है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय समाज ने बेटी को परिवार की सबसे बड़ी पूँजी माना है। भारतीय संस्कृति का मूल भाव ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ है। परिवार के पास बड़ी जमीन, कारोबार या पूँजी न हो, लेकिन बेटी पढ़-लिख जाए तो परिवार स्वावलम्बी होता है और समाज भी स्वावलम्बन की ओर बढ़ता है। इसी सोच के साथ जन्म से शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर भविष्य तक के लिए सरकार योजनाएँ संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान चलाया गया। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए ‘प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना’ लागू की गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। बेटी के विवाह योग्य होने पर ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से सम्मानपूर्वक विवाह की व्यवस्था की गई। अब तक 05 लाख से अधिक बेटियों का विवाह इस योजना के अन्तर्गत सम्पन्न हो चुका है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों के माध्यम से बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, जो पहले कक्षा 06 से 08 तक संचालित होते थे, अब कक्षा 06 से 12 तक संचालित किए जा रहे हैं। अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए हैं। सैनिक स्कूलों में बेटियों के प्रवेश का अवसर सुनिश्चित किया गया है। बेटियों और युवाओं को टैबलेट एवं स्मार्टफोन देने की कार्यवाही आगे बढ़ाई गयी है। शीघ्र ही स्नातक अन्तिम वर्ष की 50,000 मेधावी छात्राओं को झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिलाओं की भूमिका अब केवल पढ़ाई और रोजगार तक सीमित नहीं है। परिवार और समाज में भागीदारी के साथ आबादी के अनुपात में निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी आवश्यक है। कौशल विकास मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों से बेटियों और युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट गंगा के अन्तर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे। प्रदेश की लगभग 8,000 न्याय पंचायतों में से 4,000 महिला डिजिटल उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य है। यह उद्यमी गाँव में डिजिटल माध्यम से विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मुरादाबाद का पीतल उद्योग, बदायूँ की बुनकरी, फिरोजाबाद का काँच उद्योग और बनारस की हस्तकला जैसे परम्परागत उद्यमों को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ के माध्यम से ब्राण्डिंग और बाजार से जोड़ा गया है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, जिसमें महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी है। प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी देने के प्रयास किए जा रहे हैं। वस्त्र एवं हथकरघा उद्योग में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएँ कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पॉण्डेंट सखी जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन का मार्ग दिखा रही हैं। प्रदेश में 01 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें 28 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर, काशी मिल्क प्रोड्यूसर, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी संस्थाओं के माध्यम से 04 लाख से अधिक महिलाएँ आर्थिक स्वावलम्बन का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। महिला किसानों की कृषक उत्पादक संगठनों में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश के 24 हजार से अधिक स्टार्ट-अप में लगभग आधे का संचालन महिलाएँ कर रही हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। पहले महिलाओं की कार्यबल भागीदारी लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। आज महिलाएँ अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी, उभरती प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, खेल और सेना सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं। हाल ही में राष्ट्रमण्डल खेलों में उत्तर प्रदेश की उपनिरीक्षक सुश्री अस्मिता डे ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिलाएँ आज विद्यालय, महाविद्यालय से लेकर पंचायत तक नेतृत्व कर रही हैं। ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ पारित होने के बाद लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक-तिहाई अर्थात 33 प्रतिशत सीटों पर प्रतिनिधित्व का अवसर प्राप्त होगा। महिला केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बने, यह सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सम्मान दिया गया है। देश में लगभग 03 करोड़ घरौनी वितरित हुई हैं, जिनमें 01 करोड़ से अधिक अकेले उत्तर प्रदेश में वितरित हुई हैं। इनमें बड़ी संख्या में आधी आबादी को मालिकाना अधिकार मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली है। घर-घर शौचालय बनवाने की दिशा में कार्य किया गया है। प्रदेश में 01 करोड़ 10 लाख से अधिक वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को 1,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है तथा इसे और बढ़ाने की तैयारी है। रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम तथा सिटी बस सेवा में बेटियों और बहनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई। अब परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक माता और बहन को निःशुल्क यात्रा की सुविधा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर उपलब्ध करायी गयी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने का प्रयास हो रहा है। विगत 09 वर्षों की यात्रा को एक पंक्ति में कहा जाए, तो पहले डर हटाया, फिर बेटी को पढ़ाया, उसे हुनर दिया, रोजगार से जोड़ा और अब आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया। यह यात्रा घर की चौखट से अवसर तक, अवसर से आत्मविश्वास तक और आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता तक पहुँचने की यात्रा है। कोई बेटी केवल गरीब परिवार में पैदा होने के कारण पीछे नहीं रहेगी और कोई महिला केवल पूँजी के अभाव में अपने सपनों को नहीं छोड़ेगी। सरकार अवसर उपलब्ध कराएगी और परिश्रम एवं सामर्थ्य के बल पर आगे बढ़ने का अवसर देगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार माफिया के सामने नहीं झुकेगी। हमें जाति के आधार पर समाज को बाँटने और विभाजन की ओर ले जाने वाली राजनीति से सावधान रहना होगा। अपराधी और माफिया के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं होगा। विकास और सुरक्षा की जिम्मेदारी डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पूरी करेगी। कार्यक्रम को विधायक डॉ0 अवधेश सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री डॉ0 दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एम0एस0एम0ई0 राज्य मंत्री श्री हंस राज विश्वकर्मा, विधान परिषद सदस्य श्री राय धर्मेन्द्र सिंह, विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव, श्री त्रिभुवन राम, डॉ0 सुनील पटेल, महापौर श्री अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्या सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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