संभल शहर से सटे शेर खां सराय गांव में आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज करीब 5 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। जमीन पर करीब 8 से 10 मकान और एक जियारत बनी हुई है। करीब एक साल पहले मंदिर की ओर से की गई शिकायत पर सुनवाई के बाद जमीन को दोबारा आर्य समाज मंदिर और ग्राम सभा के नाम दर्ज करने के आदेश दिए गए। सोमवार शाम 5 बजे तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक जमीन की पैमाइश की। चकबंदी में आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज थी जमीन तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, राजस्व रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि 1960 के दशक में हुई चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 103, 106 और 107 की जमीन आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज की गई थी। तीनों गाटों का कुल रकबा 0.334 हेक्टेयर यानी करीब 5 बीघा है। इस जमीन के प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को दी गई थी। यानी गांव का जो भी प्रधान होता, वही जमीन का प्रबंधन करता था। प्रशासन के अनुसार, बाद में जमीन के कुछ हिस्सों का विक्रय कर दिया गया और वहां मकान तथा जियारत बना दी गई। एक साल चली सुनवाई, नाम निरस्त करने का आदेश शिकायत के बाद मामला एसडीएम न्यायालय पहुंचा। करीब एक साल तक मामले की सुनवाई हुई और दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम संभल विकास चंद्र ने जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज कई लोगों के नाम निरस्त करने के आदेश दिए। आदेश के बाद संबंधित जमीन को आर्य समाज मंदिर और ग्राम सभा के नाम दर्ज किए जाने की कार्रवाई की गई। 50 करोड़ बताई जा रही जमीन की कीमत तहसीलदार के मुताबिक, जमीन गांव की मुख्य आबादी के अंदर स्थित है। इसकी मौजूदा कीमत करीब 50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। राजस्व टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति और कब्जे की पैमाइश की। नोटिस के बाद होगी बेदखली की कार्रवाई तहसीलदार ने बताया कि जमीन पर कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी जमीन खाली नहीं की गई तो नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने ग्राम सभा को भी निर्देश दिया है कि जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसका उपयोग ग्राम सभा के हित में किया जाए। तीन गाटों में दर्ज नाम हटाने के आदेश राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार गाटा संख्या 103 का रकबा 0.210 हेक्टेयर, गाटा संख्या 106 का 0.032 हेक्टेयर और गाटा संख्या 107 का 0.092 हेक्टेयर है। एसडीएम न्यायालय में चले वाद में इन गाटों में दर्ज कई व्यक्तियों के नाम निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। मामले में तहसीलदार संभल ने 10 दिसंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इसके बाद सुनवाई पूरी होने पर जमीन के अभिलेख दुरुस्त करने और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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