मुजफ्फरनगर में 2013 के दंगों की बरसी पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर शहर मुफ्ती एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोमवार शाम करीब 4 बजे मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह की पोस्टरबाजी से शहर में नफरत फैलने और आपसी भाईचारे का माहौल प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की बारीकी और निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की। बोले- असामाजिक तत्वों को बेनकाब करे प्रशासन मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने कहा कि इस तरह की पोस्टरबाजी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रशासन को जांच कर उन लोगों को सामने लाना चाहिए, जो मुजफ्फरनगर के अमन-चैन और सांप्रदायिक सौहार्द को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। होर्डिंग में 2013 दंगों की तस्वीरें और अखिलेश यादव की फोटो दरअसल, 7 सितंबर 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर शहर में कुछ विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। इनमें 2013 के दंगों से जुड़ी तस्वीरों के साथ 'न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे' जैसे संदेश लिखे गए हैं। होर्डिंग में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है। इनके सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पोस्टरों के पीछे कौन, उद्देश्य क्या? जांच की मांग मुफ्ती जुल्फिकार अली ने कहा कि मुजफ्फरनगर का माहौल किसी भी कीमत पर खराब नहीं होना चाहिए। प्रशासन को पता लगाना चाहिए कि इन पोस्टरों के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन जानबूझकर नफरत या तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। 2027 के चुनाव का हवाला देकर लोगों से सतर्क रहने की अपील शहर मुफ्ती ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी असामाजिक तत्व को ऐसा मौका नहीं मिलना चाहिए, जिससे जनपद का माहौल बिगड़े और लोगों के बीच भाईचारा प्रभावित हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के उकसावे या अफवाह का हिस्सा न बनें और एक-दूसरे के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहें।
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