मोहाली. शेरे-पंजाब टी20 लीग में मोहाली किंग्स ने असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए जालंधर वॉरियर्स के खिलाफ 178 रन का लक्ष्य महज 13 ओवर में हासिल कर लिया. 27 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद मोहाली की टीम मुश्किल में नजर आ रही थी, लेकिन रजनीदीप सिंह और अनमोलप्रीत सिंह ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि जालंधर के गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 154 रन की साझेदारी कर मोहाली को आठ विकेट से शानदार जीत दिला दी. जालंधर ने 14 ओवर में बनाए 177 रन मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में मुकाबला बारिश और समय की बाधा के कारण 14-14 ओवर का कर दिया गया था. जालंधर वॉरियर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 14 ओवर में सात विकेट पर 177 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. जालंधर को शुरुआत से ही सलामी बल्लेबाजों विश्वनाथ सिंह और प्रभसिमरन सिंह ने आक्रामक शुरुआत दिलाई. दोनों ने मोहाली के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़े. विश्वनाथ सिंह ने केवल 19 गेंदों में 40 रन की तेज पारी खेली, जबकि प्रभसिमरन सिंह ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाए. शुरुआती ओवरों में जालंधर की रन गति काफी तेज रही और ऐसा लग रहा था कि टीम 180 रन के आसपास का लक्ष्य देने में सफल हो जाएगी. हरजस ने संभाली पारी विश्वनाथ सिंह के आउट होने के बाद जालंधर को कुछ झटके जरूर लगे और टीम ने लगातार विकेट गंवाए, लेकिन हरजस टंडन ने पारी की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी. उन्होंने केवल 16 गेंदों में 37 रन की आक्रामक पारी खेली. उनकी बल्लेबाजी में लगातार चौके-छक्के देखने को मिले और उन्होंने मोहाली के गेंदबाजों को खुलकर निशाना बनाया. इसके बाद अभिनव शर्मा और मयंक गुप्ता ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए. अभिनव शर्मा 10 गेंदों पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि मयंक गुप्ता ने महज छह गेंदों में नाबाद 16 रन ठोक दिए. इन तेज पारियों की बदौलत जालंधर वॉरियर्स 177 रन तक पहुंच गया. मोहाली की ओर से हरप्रीत बराड़ सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे. उन्होंने तीन ओवर में 24 रन देकर दो विकेट हासिल किए. 27 रन पर दो विकेट से शुरू हुआ पलटवार 178 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मोहाली किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने महज 27 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए. इतने छोटे प्रारूप में यह स्थिति किसी भी टीम के लिए दबाव वाली हो सकती थी, लेकिन इसके बाद रजनीदीप सिंह और अनमोलप्रीत सिंह ने मुकाबले की पूरी तस्वीर ही बदल दी. दोनों बल्लेबाजों ने जालंधर के गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि लक्ष्य अचानक आसान नजर आने लगा. रजनीदीप ने आक्रामक अंदाज में रन जुटाए तो अनमोलप्रीत ने उनका शानदार साथ दिया. दोनों ने जोखिम भरी लेकिन बेहद प्रभावशाली बल्लेबाजी करते हुए रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा. रजनीदीप ने 35 गेंदों में मचाई तबाही रजनीदीप सिंह मोहाली की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे. उन्होंने महज 35 गेंदों में नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी खेली. उनकी पारी में आठ छक्के और छह चौके शामिल रहे. जालंधर के गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था. दूसरी ओर अनमोलप्रीत सिंह ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 154 रन की नाबाद साझेदारी की. यह साझेदारी उस समय आई, जब मोहाली 27 रन पर दो विकेट खोकर दबाव में थी. इस साझेदारी ने न केवल मोहाली को संकट से बाहर निकाला बल्कि लक्ष्य को भी बेहद तेजी से हासिल करने की राह तैयार कर दी. 13 ओवर में लक्ष्य हासिल कर रचा कमाल मोहाली किंग्स ने 13 ओवर में ही दो विकेट खोकर 178 रन बना लिए और आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया. जालंधर ने जिस 177 रन के स्कोर को चुनौतीपूर्ण मानकर बनाया था, मोहाली ने उसे केवल 13 ओवर में हासिल कर सभी को चौंका दिया. रजनीदीप की 91 रन की नाबाद पारी और अनमोलप्रीत के 61 रन ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया. 27 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद तीसरे विकेट के लिए हुई 154 रन की साझेदारी इस मुकाबले का निर्णायक मोड़ साबित हुई. टी20 क्रिकेट में कम ओवरों के मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए इतनी बड़ी साझेदारी और वह भी इतनी तेज गति से करना मोहाली किंग्स की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है. जालंधर के बल्लेबाजों ने पहले चरण में मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मोहाली के बल्लेबाजों ने उससे भी अधिक आक्रामक अंदाज में जवाब दिया. रजनीदीप सिंह की विस्फोटक बल्लेबाजी और अनमोलप्रीत सिंह की शानदार साझेदारी ने शेरे-पंजाब टी20 लीग के इस मुकाबले को एकतरफा बना दिया. 178 रन का लक्ष्य और 13 ओवर में जीत—मोहाली किंग्स की यह जीत टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक पारियों में शामिल हो गई.
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