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विवादित Swatantra Bhardwaj को Delhi Police ने बुलंदशहर से लिया हिरासत में

India 12h ago Source: publicofindia

नयी दिल्ली, चार सितंबर हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक करीबी दिखाने और उकसाने वाले बयानों के जरिए सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसक बना लिये थे। लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले एक व्यक्ति के पिता के साथ मारपीट करने की डींगें हांकने का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी यही शेखी पुलिस के चंगुल में फंसने का कारण बनी। भारद्वाज खुद को ‘सनातन योद्धा’ बताते हैं और उन्हें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में उसे 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भारद्वाज को तब हिरासत में लिया गया जब एक साक्षात्कार का क्लिप वायरल हुआ। क्लिप में वह यह दावा करते हुए सुने गए कि उन्होंने कुमार का ‘सिर फोड़ दिया’ था, जिससे उन्हें ऐसी चोट आई कि 60 टांके लगाने पड़े, और फिर भी वे जेल जाने से बच गए। भारद्वाज की सोशल मीडिया मौजूदगी पर नजर डालने से पता चलता है कि ऐसे बयान उनकी उस ऑनलाइन छवि से कोई अलग बात नहीं थी, जिसे उन्होंने बनाया था। भारद्वाज के फेसबुक पेज के करीब 3,27,000 अनुसरणकर्ता हैं। उसका सोशल मीडिया अकाउंट पोस्ट हिंदुत्व, गौ-रक्षा, मुसलमानों और सरकार के आलोचकों पर हमलों से जुड़ी पोस्ट और राजनीतिक हस्तियों व सरकारी कार्यक्रमों में उनकी नजदीकी दिखाने वाली तस्वीरें भरी पड़ी हैं। हिरासत में लिए जाने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ट्रेंड्स में अपना नाम दिखाते हुए एक स्क्रीनशॉट साझा किया और कैप्शन लिखा, ‘‘लव यू ऑल विरोधी’। भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह कलाई में पहने ‘कड़े’ को दिखा रहा है और उसके साथ कैप्शन लिखा था, ‘‘ फील द पावर!’ (ताकत महसूस करें!)। यह दिल्ली पुलिस के उस बयान की ओर इशारा था जिसमें कहा गया था कि कुमार को चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि ‘कड़े’ से लगी थी। उनके फ़ेसबुक पेज पर 15 अगस्त को लाल किले पर उनकी तस्वीरें भी हैं, जिनमें ‘‘सनातन नायक’’ और ‘गौरक्षक’ जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए गए हैं। एक और पोस्ट में, उन्होंने रक्षा मंत्रालय की ओर से इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए उनके नाम पर जारी किया गया निमंत्रण-पत्र प्रदर्शित किया है। भारद्वाज ने इसी तरह नौ जून, 2024 को नरेन्द्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए उन्हें मिले निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें भी पोस्ट की थीं। भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच पर नेताओं के साथ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ खींची गई तस्वीरें शामिल हैं। पासवान ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि भारद्वाज ने उनके और दूसरे नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने कहा कि उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पासवान ने कहा, ‘‘आरोपी के जानलेवा हमले की बात कबूलने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना एक गलत मिसाल कायम करता है। परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी मैं लेता हूं।’’ कई पोस्ट में भरद्वाज की ऐसी तस्वीरें हैं जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनी हुई लगती हैं, जिनमें वे बुर्का या हिजाब पहने महिलाओं के साथ दिख रहे हैं। भारद्वाज द्वारा 22 मई को पोस्ट की गई एक बेहद हिंसक तस्वीर में वह एक आदमी की खून से सनी ठुड्डी पकड़े हुए दिख रहे हैं। साथ इसमें ‘मुगल’ का संदर्भ देते हुए लिखा है, ‘‘आ गया स्वाद’।’’ भारद्वाज के इंस्टाग्राम अकाउंट को शुक्रवार को निष्क्रिय कर दिया गया जिसके करीब 1,84,000 अनुसरणकर्ता थे। भारद्वाज का ‘एक्स’ पर भी एक प्रमाणित अकाउंट है, जिसके 6,400 से अधिक अनुसरणकर्ता हैं। भारद्वाज ने एक्स अकाउंट पर अपने परिचय में लिखा है, ‘‘ आज के दौर का एक युवा जो अपने धर्म और राष्ट्र के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।’’ कुमार पर कथित हमले का वीडियो जैसे ही तेजी से प्रसारित हुआ, सोशल मीडिया पर भारद्वाज के कई पुराने वीडियो भी सामने आने लगे। इनमें से कुछ में उन्हें मुसलमानों और सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ भड़काऊ बातें कहते हुए सुना जा सकता है। वहीं कुछ अन्य वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए शेखी बघारते और यह दावा करते दिखते हैं कि उन्हें गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है। जिस क्लिप से वह चर्चा में आए, उनमें उन्होंने निशु के पिता का सिर फोड़ने की डींग मारी थी। भारद्वाज कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘‘ क्या आपको पता है कि यह अपराध किस धारा के तहत आता है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे। उस आदमी को गंभीर हालत में एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था। उसकी बेटी पुलिस थाना के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला, तो वह आत्महत्या कर लेगी।’’ प्रसारित वीडियो पर वह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ‘‘लेकिन मुझे जेल भी नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।’’ उन्होंने इसके बाद कई नेताओं का जिक्र करते हुए बताया कि उनके लिए चिंता करने की कोई खास वजह क्यों नहीं है। भारद्वाज ने दावा किया, ‘‘मुझ पर हनुमान जी का आशीर्वाद है। और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर ही मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान भी मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन हासिल है।’’ हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि भारद्वाज द्वारा उल्लेखित नेताओं ने इस मामले में उनकी तरफ से हस्तक्षेप किया था। इस वीडियो ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को और तेज कर दिया। कॉजपा ने शुक्रवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा उठाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद भारद्वाज का पता लगाने के लिए कई टीम तैनात की गईं। बताया जाता है कि पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए वह मोटरसाइकिल से नैथला गांव से खुर्जा की ओर भागे और इस दौरान संभवत: पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहना था। उन्हें बुलंदशहर में अंतत: हिरासत में लिया गया।

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