इंफाल, तीन सितंबर कुकी समुदाय की विधायक किमनेओ हाओकिप हैंगशिंग ने बृहस्पतिवार को मणिपुर सरकार से राज्य के हर हिस्से में आवश्यक वस्तुओं, भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के लोगों को हो रही कठिनाइयों के बारे में विधानसभा में हैंगशिंग ने कहा कि वह समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करती हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के कुशल नेतृत्व में सभी समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सामान्य स्थिति बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे ईमानदार प्रयासों की मैं सराहना करती हूं। कुकी पीपुल्स एलायंस की विधायक ने निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपगेन के साथ बुधवार को मणिपुर विधानसभा के सत्र में हिस्सा लिया था। मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से हैंगशिंग और किपगेन भौतिक रूप से विधानसभा सत्र में भाग लेने वाले पहले कुकी विधायक हैं। हाओकिप ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से जारी संघर्ष के कारण कुकी-जो समुदाय के कई छात्र सफर के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार की नौकरियों की परीक्षाओं के लिए कांगपोकपी जिला मुख्यालय में परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। विधायक ने सरकार से पूरे राज्य में आवश्यक वस्तुओं, भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, विभिन्न संगठनों और समुदायों द्वारा की गई नाकेबंदी के कारण साइकुल विधानसभा क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन महीने से भी अधिक समय से आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। राज्य की कुकी जनजाति के शीर्ष निकाय कुकी इंपी मणिपुर (केआईएम) ने विधायकों हाओकिप और किपजेन के इंफाल जाने तथा कथित तौर पर उसके निर्देशों की पूरी तरह से अनदेखा करते हुए विधानसभा सत्र में शामिल होने के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। एक बयान में केआईएम ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों विधायकों ने कुकी-जो समुदाय की भावनाओं और आकांक्षाओं को नजरअंदाज करने का रास्ता चुना, खासकर ऐसे समय में जब समुदाय एक अलग प्रशासन की अपनी राजनीतिक मांग के लिए संघर्ष कर रहा है। केआईएम ने इस बात को दोहराया कि अलग प्रशासन की मांग कुकी-जो लोगों की सामूहिक राजनीतिक आकांक्षा का प्रतिनिधित्व करती है। संगठन ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे उन लोगों की भावनाओं, आकांक्षाओं और सामूहिक रुख का सम्मान करें तथा उसका पालन करें, जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।
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