प्रयागराज के महत्वाकांक्षी रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत नैनी से सहसों तक बन रहे गंगा सेतु के निर्माण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने असंतुष्टि जताई है। बार-बार डेडलाइन बढ़ने और तय समय पर काम पूरा न होने पर डीएम ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर से जवाब मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बुधवार को नैनी से झूंसी होते हुए सहसों तक जाने वाले रिंग रोड के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। यह पूरा रिंग रोड प्रोजेक्ट शहर के यातायात को आसान बनाने के लिए पहले और दूसरे चरण का एक अहम हिस्सा है। इसके तहत गंगा नदी पर इस बड़े पुल का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था 'जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड' के अधिकारियों से अब तक हुई काम की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। काम की धीमी रफ्तार और बार-बार समय बढ़ाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को तुरंत जवाब देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे सिर्फ कागजी बैठकों तक सीमित न रहें। उन्हें नियमित रूप से निर्माण स्थल पर पहुंचकर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि साइट पर मैनपॉवर और संसाधन बढ़ाए जाएं, ताकि जून 2027 तक इस पुल का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान एनएचआई और कार्यदायी संस्था के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। डीएम के सख्त रुख के बाद उन्हें काम में तेजी लाने का साफ संदेश मिल चुका है।
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