हिसुआ में 22 वर्षीय प्रणय कुमार भारती उर्फ पीयूष की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद बुधवार को भी लोगों का गुस्सा बरकरार रहा। राजद एमएलसी रामबली चंद्रवंशी हिसुआ पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों और मीडिया को संबोधित करते हुए अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों से एकजुट होने की अपील की। ‘यह सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे नवादा की समस्या’ रामबली चंद्रवंशी ने कहा, “संविधान का जमाना है। बड़े-बड़े बाहुबली बिल में घुस गए, ये कौन बड़ी चीज है।” उन्होंने लोगों से जागने और एकजुट होने की अपील की। एमएलसी ने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे नवादा की समस्या है। इसका समाधान पटना या गया से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर एकता बनाकर किया जा सकता है। आरोप- कई सालों से साइबर क्राइम में शामिल हैं आरोपी एमएलसी ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल आरोपी कई वर्षों से साइबर क्राइम में शामिल हैं। अब वे दिनदहाड़े मोहल्ले में पहुंचकर गोली मारकर चले जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए साजिश रच रहे हैं और अपने बचाव में झूठी कहानी बनाई जा रही है कि उन्हें भी गोली लगी है। ‘गोली लगी होती तो इतनी देर बाद बात सामने नहीं आती’ चंद्रवंशी ने कहा कि यदि आरोपियों को वास्तव में गोली लगी होती तो घटना के काफी देर बाद इस तरह की बातें सामने नहीं आतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीयूष की मौत की जानकारी सामने आने के बाद खुद को बचाने के लिए ऐसी कहानी गढ़ी जा रही है। सीएम से पूछा- ‘क्या ऐसे लोगों के लिए एनकाउंटर नहीं है?’ एमएलसी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयानों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मैं सम्राट चौधरी जी से मिलूंगा और उनसे कहूंगा कि आप एनकाउंटर और हाफ एनकाउंटर की बात करते थे। क्या ऐसे लोगों के लिए एनकाउंटर नहीं है?” उन्होंने मुख्यमंत्री को अति पिछड़ों का अंगरक्षक और संरक्षक बताते हुए कहा कि उनके रहते अति पिछड़ों पर हत्या, बलात्कार और उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सैकड़ों लोगों ने हाथ उठाकर लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में रामबली चंद्रवंशी ने मौजूद सैकड़ों लोगों को हाथ उठाकर संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पीयूष की हत्या का बदला लेने के लिए वे किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद भीड़ ने हाथ उठाकर ‘जय संविधान’ के नारे लगाए।
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