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Karan Singh ने की Himalayan Authority के गठन की मांग

India 13h ago Source: publicofindia

नयी दिल्ली, दो सितंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने नेपाल की विनाशकारी बाढ़ का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि हिमालय से लगे देशों को एक हिमालयी प्राधिकरण गठित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया। सिंह ने उत्तराखंड में चार धामों को जोड़ने वाले राजमार्ग को चार लेन का किए जाने को ‘‘निंदनीय’’ करार दिया और कहा कि भारत सरकार को हिमालय को विनाश से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। सिंह ने नेपाल में आपदा के कारण हुई जनहानि पर वहां के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी दिवंगत पत्नी नेपाल की रहने वाली थीं और इसलिए इस ‘‘खूबसूरत देश’’ तथा वहां के लोगों से उनका विशेष लगाव है। सिंह ने कहा, ‘‘नेपाल में हुई विनाशकारी घटनाओं से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। मैं इस त्रासदी की घड़ी में नेपाल के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं।’’ उन्होंने कहा कि जिस घटना से यह आपदा शुरू हुई, वह तिब्बत में हुई और इसने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेनदशीलता का स्मरण कराया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सिंह ने कहा, ‘‘इसीलिए मेरे जैसे हिमालय प्रेमी लगातार यह आग्रह करते रहे हैं कि भारत सरकार को हिमालय को विनाश से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चार लेन की सड़कों के लिए बड़े पैमाने पर विस्फोट और सड़कों को चौड़ा किया जाना ‘‘निंदनीय’’ है। उनके अनुसार, हिमालय में चार लेन की सड़कों पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों के लिए दो लेन की सड़कें पर्याप्त हैं। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि हिमालयी देशों को एक हिमालयी प्राधिकरण गठित करना चाहिए, जिसमें पाकिस्तान, तिब्बत, भारत से लेकर बांग्लादेश और भूटान तक के क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तभी एक समान नीति अपनाई जा सकेगी। यह उचित होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ पहल करें।

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