अलवर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत अग्रवाल का नामांकन खारिज होने के बाद पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार देर रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में कांग्रेसी मिनी सचिवालय पहुंच गए और अंदर धरने पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने नामांकन खारिज करने को साजिश बताया है। वहीं, इसके अलावा थानागाजी में नगरपालिका के वार्ड नंबर 14 में भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल शर्मा के नामांकन में सरकारी कर्मचारी को प्रस्तावक बनाए जाने का मामला भी सामने आया। वार्ड 58 में नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन कांग्रेस शहर अध्यक्ष अंकित गोयल ने आरोप लगाया कि वार्ड 58 से कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत अग्रवाल का नामांकन जिला प्रशासन ने साजिश के तहत अवैध रूप से खारिज किया है। गोयल के अनुसार- प्रत्याशी के खिलाफ बताए जा रहे मामले वर्ष 2012 के हैं और पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में ये मामले खत्म हो चुके हैं। इसके बावजूद नामांकन खारिज किया गया। गोयल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की सीटों की संख्या कम करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने प्रशासन को भाजपा का पक्षधर बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। नामांकन खारिज होने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता देर रात मिनी सचिवालय के अंदर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। देर रात तक मिनी सचिवालय में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। सरकारी कर्मचारी को भाजपा प्रत्याशी का प्रस्तावक बनाने का आरोप उधर, थानागाजी नगरपालिका चुनाव में वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल शर्मा के नामांकन को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। प्रत्याशी सीमा शर्मा पत्नी मुकेश शर्मा ने मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी और उपखंड अधिकारी को लिखित शिकायत देकर नामांकन निरस्त करने की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल शर्मा ने अपने चुनाव आवेदन में मुकेश कुमार शर्मा पुत्र साधूराम शर्मा को प्रस्तावक बनाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मुकेश कुमार शर्मा वर्तमान में राजकीय सेवा में सरकारी कर्मचारी हैं। शिकायत में कहा गया है कि निर्वाचन नियमों के अनुसार सरकारी कर्मचारी किसी प्रत्याशी का प्रस्तावक नहीं बन सकता। इसी आधार पर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करने की मांग की गई है। नगर निगम में 592 नामांकन पत्र, 522 अभ्यर्थी अलवर नगर निगम के 65 वार्डों के लिए कुल 592 नाम निर्देशन पत्र दाखिल हुए, जिनमें 522 अभ्यर्थी शामिल हैं। जांच के बाद 132 नाम निर्देशन पत्र निरस्त हुए, जबकि 465 नाम निर्देशन पत्र वैध पाए गए और 446 अभ्यर्थी वैध रहे। नामांकन के पहले दिन 2 अभ्यर्थियों ने 2 नामांकन, दूसरे दिन 98 अभ्यर्थियों ने 113 नामांकन और अंतिम दिन 422 अभ्यर्थियों ने 482 नामांकन पत्र दाखिल किए।
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