कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में संचालित नियो फिटनेस जिम की गतिविधियां अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के रडार पर आ गई हैं। जिम परिसर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने के बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इसे गंभीरता से लिया है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर हैबिटेट सेंटर की छवि एवं प्रतिष्ठा प्रभावित होने की बात सामने आई है। मामले में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ एवं नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने नियो फिटनेस जिम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में लीज पर दिए गए परिसर के निर्धारित उपयोग के उल्लंघन और ऐसी गतिविधियों को लेकर जवाब मांगा गया है, जिनसे कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर की छवि प्रभावित हुई। वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल नोटिस के मुताबिक, नियो फिटनेस परिसर से संबंधित एक वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। इसमें जिम परिसर के भीतर की गतिविधियां दिखाई गईं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणियां कीं और जिम में संचालित गतिविधियों की उपयुक्तता पर सवाल उठाए। अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर की छवि, प्रतिष्ठा और जनमानस में उसकी धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसी आधार पर जिम संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूछा- कार्रवाई क्यों न की जाए? कारण बताओ नोटिस में फर्म से पूछा गया है कि ऐसी गतिविधियां संचालित करने अथवा उन्हें अनुमति देने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए, जिनसे हैबिटेट सेंटर की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसके साथ ही अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड को प्रतिष्ठागत नुकसान पहुंचने के लिए आर्थिक दंड और क्षतिपूर्ति की वसूली क्यों न की जाए, इसका भी जवाब मांगा गया है। फर्म को नोटिस प्राप्त होने के तीन कार्यदिवस के भीतर संतोषजनक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो लीज खत्म हो सकती है नोटिस में आगे स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से लीज एग्रीमेंट की शर्तों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें लीज समाप्त करना और फर्म को ब्लैकलिस्ट करना तक शामिल है। नगर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ प्रेम प्रकाश मीणा की ओर से जारी नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्मार्ट सिटी की संपत्तियों और सार्वजनिक संस्थानों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य तथा लीज की शर्तों के अनुरूप ही होना चाहिए। ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे परिसर की प्रतिष्ठा प्रभावित होती हो, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। अब निगाह नियो फिटनेस के जवाब पर है। तीन कार्यदिवस में फर्म की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और स्मार्ट सिटी प्रशासन उस पर क्या निर्णय लेता है, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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