भिंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में रविवार को भिंड में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होने जा रहे शिक्षकों को पुलिस द्वारा बसों में रोके जाने के बाद शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और TET परीक्षा को लेकर अपना विरोध जताया। कलेक्ट्रेट के बाहर हुए प्रदर्शन में जिलेभर से करीब तीन सैकड़ा शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों पर TET परीक्षा का प्रावधान थोपकर उनके साथ अन्याय किया है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने इसे काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की। शिक्षकों का कहना था कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर दोबारा पात्रता परीक्षा लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बसों को रोक दिया। इसके बाद सभी शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय संयोजक संतोष लहारिया ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों पर काला कानून थोप दिया है। इसका शिक्षक लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए इस प्रावधान को वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे TET परीक्षा नहीं देंगे। शिक्षकों ने सरकार से तत्काल निर्णय लेकर परीक्षा संबंधी प्रावधान वापस लेने की मांग की।
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