अयोध्या के जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मरीज की मौत के बाद शव को ठेले पर ले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो शुक्रवार 28 अगस्त शाम का बताया जा रहा है। सब्जी मंडी निवासी मृतक के परिजनों का आरोप है कि शव घर ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल में शव वाहन मांगा, लेकिन कर्मचारी उन्हें एक-दूसरे के पास भेजते रहे। शव वाहन के लिए काफी देर तक इंतजार परिजनों के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल स्टाफ से शव वाहन उपलब्ध कराने को कहा। आरोप है कि वार्ड की महिला स्टाफ ने ड्राइवर का नंबर उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्हें दूसरे कर्मचारियों के पास भेजा गया। काफी देर इंतजार के बाद भी शव वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। ठेले पर शव रखकर ले जाने को मजबूर शव वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने शव को ठेले पर रखा और अस्पताल से घर की ओर ले गए। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला अस्पताल की शव वाहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निजी एंबुलेंस के लिए पैसे देने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस सुविधा शुल्क लेकर उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, जिला चिकित्सालय में शव वाहन की सुविधा होने की बात कही जाती है। ऐसे में सवाल है कि जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया। CMO बोले- मामला संज्ञान में नहीं आया मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम वह जिला अस्पताल में ही मौजूद थे। उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो मामले को तत्काल दिखवाया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है। परिजनों ने जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई और जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.