Pali Hindi News: पाली का रंगरेज समाज आज भी पीढ़ियों पुरानी पारंपरिक रंगाई कला को संजोए हुए है. आधुनिक मशीनों के दौर में यहां सिगड़ी और भगोले की मदद से पक्के रंग तैयार किए जाते हैं. इन्हीं रंगों से साफे, चुनरी और लहरिया को आकर्षक रूप दिया जाता है. मेहनत, हुनर और परंपरा से जुड़ी यह कला राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की पहचान है, जो आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
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